OpenAI के dots.से ChatGPT का खेल खत्म? आप सोएंगे ये काम करेगा, तो इंसान क्या करेगा?

ChatGPT से तो परिचित होंगे ही..कमांड दिया..सवाल पूछा, जवाब मिला और बातचीत खत्म। लेकिन अब OpenAI इस तरीके को पूरी तरह से बदलने जा रहा है। कंपनी ने dots नाम के ऐसे AI एजेंट को पेश किया है, जिसे बार-बार कमांड देने की जरुरत नहीं है।

ChatGPT से तो परिचित होंगे ही..कमांड दिया..सवाल पूछा, जवाब मिला और बातचीत खत्म।  लेकिन अब OpenAI इस तरीके को पूरी तरह से बदलने जा रहा है। कंपनी ने dots नाम के ऐसे AI एजेंट को पेश किया है, जिसे बार-बार कमांड देने की जरुरत नहीं है।  यह एक बार काम समझने के बाद आपके बिना हर कदम पर कमांड दिए लगातार उस काम पर आगे बढ़ सकता है। dots नेक्स्ट जेनेरेशन एआई एजेंट की तरह काम करेगा. ये ऑलवेज ऑन रहेगा और आपके रोजमर्रा के काम में हेल्प करेगा। यह सिर्फ सवाल का जवाब ही नहीं देगा बल्कि आगे बहुत सारा काम खुद करेगा।

यह AI सिर्फ आपके सवाल का ही जवाब नहीं देता है। आप उसे कोई जिम्मेदारी दे सकते हैं और वह उसके अगले कदम खुद तय करके काम आगे बढ़ाता रहेगा। जरूरत पड़ने पर आपसे राय या मंजूरी मांगेगा और फिर काम जारी रखेगा। यही बदलाव dots को सामान्य चैटबॉट से काफी अलग बनाता है।  हाल ही में मेटा ने Muse लॉन्च किया है, इसका Muse Charm डिवाइस भी ऑलवेज ऑन एआई एजेंट की तरह काम करता है। ऐसे में मेटा के Muse और  ChatGPT को कड़ी टक्कर मिल सकती है।  

  OpenAI के मुताबिक dots का काम एक मैसेज के जवाब के साथ खत्म नहीं होता।  हर dot को अपना क्लाउड कंप्यूटर और ब्राउजर मिलता है।   यह जुड़े हुए ऐप्स का इस्तेमाल करके किसी प्रोजेक्ट पर काम कर सकता है और यूजर के ChatGPT से बाहर जाने के बाद भी काम जारी रख सकता है। 

अगर आप किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं तो dot सिर्फ जानकारी खोजकर आपको नहीं देगा। वह उपलब्ध जानकारी देख सकता है, काम का अगला फेज तय कर सकता है।  जरूरी चीजों का मसौदा तैयार कर सकता है और फिर आपके पास रिव्यू के लिए वापस आ सकता है। सबसे दिलचस्प बात, आप ChatGPT बंद कर दें तो भी काम चलता रहेगा।

dots की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘always-on’ होना है। OpenAI के अनुसार यह आपके किसी काम को लेकर बैकग्राउंड में काम करता रह सकता है। जब कोई महत्वपूर्ण फैसला लेना हो या आपकी मंजूरी की जरूरत हो, तब यह आपके पास वापस आता है।

अब सवाल यह है कि हर काम AI खुद ही करेगा तो इंसान क्या करेगा? बता दें कि dots को पूरी तरह खुली छूट नहीं दी गई है। यूजर तय करता है कि dot किन ऐप्स को इस्तेमाल कर सकता है और उसे कितनी परमिशन मिलेगी। OpenAI ने Custom Rules का विकल्प भी दिया है। इसके जरिए यूजर तय कर सकता है कि dot कौन-सा काम खुद कर सकता है, किस काम के लिए मंजूरी लेनी होगी और कौन-सा काम बिल्कुल नहीं करना है।