बिहार के मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह एक बार फिर कानूनी विवादों में घिरते दिखाई दे रहे हैं। गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में पुलिस ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर सामने आए एक वायरल वीडियो के बाद की गई है, जिसमें कथित तौर पर हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन दिखाई दे रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विधायक को 15 मई को मीरगंज थाने पहुंचने के लिए कहा गया है। जांच एजेंसियां वीडियो में दिख रहे हथियारों का फॉरेंसिक और बैलेस्टिक परीक्षण कराना चाहती हैं। इसके जरिए यह स्पष्ट किया जाएगा कि हथियार लाइसेंसी थे या अवैध। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो मामले में कानूनी धाराएं और कड़ी हो सकती हैं।
यह मामला 2 और 3 मई को सेमराव गांव में आयोजित एक जनेऊ समारोह से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने हथियारों का प्रदर्शन किया और सार्वजनिक मर्यादा का उल्लंघन करने वाली गतिविधियां भी हुईं। समारोह के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए, जिसके बाद गोपालगंज पुलिस हरकत में आई।
जिले के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के निर्देश पर मीरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। केस में अनंत सिंह, आयोजन से जुड़े लोगों सहित कुल नौ नामजद आरोपियों के अलावा कई अज्ञात व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है। सभी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अश्लीलता से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
उधर, संभावित गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए विधायक ने अदालत का रुख किया है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई होनी है। इस सुनवाई के नतीजे पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।
पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर बाहुबली छवि वाले नेताओं और सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों के प्रदर्शन की प्रवृत्ति को लेकर बहस तेज कर दी है। पुलिस अब वीडियो, हथियारों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।