जनता की शिकायत पर एक्शन में विजय सिन्हा — कॉल नहीं लगी तो खुद पहुंचे टोल फ्री सेंटर, अधिकारियों को लगाई फटकार

डिप्टी सीएम सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए सगुना मोड़ स्थित कॉमन सर्विस सेंटर के रीजनल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।

जनता की शिकायत पर एक्शन में विजय सिन्हा — कॉल नहीं लगी तो खुद पहुंचे टोल फ्री सेंटर, अधिकारियों को लगाई फटकार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 22, 2026, 4:03:00 PM

डिप्टी सीएम सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए सगुना मोड़ स्थित कॉमन सर्विस सेंटर के रीजनल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। यहां वह भूमि राजस्व विभाग के टोल फ्री कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली की जांच करने पहुंचे थे।

दरअसल, भूमि राजस्व विभाग की ओर से आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जारी टोल फ्री नंबर 18003456215 पर कॉल नहीं लगने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने पहले खुद अपने स्तर से कई बार टोल फ्री नंबर पर कॉल करवाई, लेकिन जब कॉल कनेक्ट नहीं हुआ तो वह खुद सच्चाई जानने कॉल सेंटर पहुंच गए।

विजय सिन्हा के अचानक पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कोशिशें शुरू हो गईं। निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से सख्त लहजे में पूछा कि कितनी शिकायतें आती हैं और उनका पूरा ब्योरा कहां है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को कुल 1008 कॉल अटेंड की गई हैं।

इस पर विजय सिन्हा ने तुरंत कहा कि पांच कॉल निकालिए, मैं खुद बात करूंगा। इसके बाद उन्होंने टोल फ्री नंबर पर कॉल करने वाले लोगों से सीधे बातचीत की और पूछा कि वे कितनी देर से फोन लगा रहे थे और पहले भी कॉल करने की कोशिश की थी या नहीं।

डिप्टी सीएम ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और CSC प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की सुविधा के लिए योजनाएं बनाती है, लेकिन अगर वही योजनाएं जमीन पर काम नहीं कर रही हैं तो यह गंभीर लापरवाही है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि टोल फ्री सिस्टम को तुरंत पूरी तरह दुरुस्त किया जाए, कॉल रिसीविंग और शिकायत निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग हो और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों की शिकायतों का समय पर समाधान हो सके।