बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभाग की उपलब्धियों और सुधारात्मक कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर उन्होंने विभागीय परिपत्र संग्रह का विमोचन भी किया, जिसमें वर्ष 2003 से 2023 तक के सभी नियमों और दिशा-निर्देशों को चार भागों में संकलित किया गया है। इससे विभागीय पदाधिकारियों को काम करने में काफी सहूलियत होगी और नियमों को सरल एवं सर्वसुलभ बनाया जा सकेगा।
मंत्री ने कहा कि विभाग सुधार की प्रक्रिया को धीरे-धीरे और सतर्क तरीके से लागू कर रहा है। उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि हम होम्योपैथिक इलाज करते हैं और देसी इलाज पर भरोसा रखते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर एलोपैथिक व्यवस्था और ऑपरेशन भी उपलब्ध है। उनका यह बयान इस बात को दर्शाता है कि विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि समस्या का स्थायी और संतुलित समाधान निकालना चाहता है।
विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि हम विभाग में “धीरे-धीरे डोज देने” की नीति अपना रहे है। उन्होंने कहा कि यदि हम सुधार को अचानक लागू करेंगे या अधिक दबाव डालेंगे, तो इससे अनर्थ या प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो सकती है। इसलिए विभाग मामलों को छोटे-छोटे कदमों में सुधार रहा है, ताकि प्रक्रिया स्थिर और संतुलित रहे। उन्होंने इसे एक तरह से होम्योपैथिक उपचार से तुलना करते हुए बताया, जिसमें एक ही बार में ज्यादा दवाई नहीं दी जाती बल्कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में धीरे-धीरे बीमारी को ठीक किया जाता है।
उप मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब सिर्फ जिला स्तर तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि अंचल स्तर तक खुद जाकर मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा, 'कोई इस भ्रम में न रहे कि जिला का दौरा हो गया तो काम खत्म। जो नहीं सुधरेंगे, सरकार उन्हें सुधारने में सक्षम है।'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय सिन्हा ने केंद्र सरकार के नए 'जी राम जी' बिल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प पर काम कर रही है और विकसित बिहार के बिना विकसित भारत संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हर अच्छे काम का विरोध कर रहा है, जो ठीक नहीं है।'
नए बिल से गांवों में संसाधन बढ़ेंगे और अब 125 दिन रोजगार की गारंटी दी है। अगर 125 दिन काम नहीं मिला तो भत्ता देंगे। मनरेगा में मजदूरों को भुगतान में महीनों लगते थे, लेकिन अब नए प्रावधान के तहत हर सप्ताह मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।