बिहार में जमीन और राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Sinha ने घोषणा की है कि अब राज्य के सभी अंचल कार्यालयों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इस फैसले का मकसद साफ है—जनता को पारदर्शी सेवा और भ्रष्टाचार पर सख्त निगरानी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अंचल कार्यालयों में होने वाली हर गतिविधि अब कैमरे की निगरानी में रहेगी। खासतौर पर जनता दरबार के दौरान आने वाली शिकायतों और अधिकारियों की कार्यशैली पर नजर रखी जा सकेगी। इससे न सिर्फ शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी, बल्कि अनियमितताओं पर भी तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय को 1 लाख 25 हजार रुपये आवंटित किए हैं। इस राशि से CCTV कैमरे और आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे। माना जा रहा है कि इससे आम लोगों की आवाजाही और कामकाज की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
इसी के साथ सरकार ने बेतिया राज और दरभंगा राज की जमीनों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि इन जमीनों का विस्तृत अध्ययन कर नई नीति बनाई जाएगी। जिन लोगों ने अवैध कब्जा किया है या गलत तरीके से जमीन हासिल की है, उन्हें चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य साफ है—राजस्व व्यवस्था को साफ-सुथरा और जवाबदेह बनाना। अवैध कब्जे, फर्जीवाड़े और जमीन विवादों पर अब सख्ती से नकेल कसी जाएगी। इस फैसले से राजस्व विभाग में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है, जहां हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।