बिहार विधानसभा में मंगलवार को गोपालगंज से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला उठा, जिसने सदन से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मचा दी. गोपालगंज के बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए बताया कि वर्ष 1990 से 2015 के बीच गोपालगंज जिले में धार्मिक यात्रा के नाम पर कुल 173 विदेशी नागरिक आए थे, जिनमें अकेले पाकिस्तान के 168 नागरिक शामिल थे. इसके अलावा उज्बेकिस्तान और रूस से भी कुछ विदेशी नागरिकों के आने की जानकारी सामने आई है. गोपालगंज टूरिस्ट प्लेस भी नहीं है. ऐसे में गंभीर सवाल है कि इतनी तादाद में विदेशी नागरिक क्यों आए? साथ ही आने वाले सभी लोग वापस गए कि नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं मिल रही है.
बीजेपी विधायक ने कहा कि पाकिस्तान के रावलपिंडी से कुल 167 नागरिक आए थे. उनको लेकर कोई सटीक जानकारी नहीं है, जबकि आए दिन सुनने को मिलता है कि जिले में बाहर से आकर लोग बस रहे हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या वह नाम बदलकर किसी दूसरी जगहों पर रह रहे हैं. अगर ऐसा है तो फिर गंभीर साजिश की आशंका है.
लोग धार्मिक यात्रा पर आते हैं और आकर के भारत की नागरिकता ले लेते हैं. माननीय मंत्री जी ने जो जवाब दिया है, उसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि 1990 से 2015 के बीच 173 विदेशी नागरिक गोपालगंज आए थे, जबकि हमारे यहां थावे मंदिर के अलावे कोई धार्मिक स्थान है नहीं. मंत्रीजी से इनके बारे में जाने को लेकर कोई डॉक्यूमेंट है, इसी के बारे में जानकारी चाहिए
बीजेपी विधायक ने कहा कि सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पूरे मामले की हम जांच करवाएंगे. मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हमने गृह मंत्री को कुछ सुझाव भी दिए हैं, जिस पर भी जांच करने की जरूरत है.