पटना: राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी पहले से ही इस बात को लगातार कहते आ रहे हैं कि नीतीश-भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। जोकि सीएजी (CAG) की हालिया रिपोर्ट ने एक बार फिर सरकार की पोल खोलकर रख दी है।
सरकारी विभागों द्वारा 92,132 करोड़ रुपये की राशि का हिसाब नहीं दिया जाना कोई साधारण प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि नीतीश-भाजपा सरकार द्वारा किए गए गड़बड़झाला और भ्रष्टाचार का प्रमाण है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश-भाजपा सरकार ने 21 वर्षों के शासनकाल में राज्य के खजाने को लूटने का काम किया है। जिसके कारण बिहार सरकार का खजाना पूरी तरह से खाली हो चुकी है। इसीलिए बिहार सरकार के वित्त विभाग ने पत्र लिखकर कर वेतन-पेंशन के सिवा कोई अन्य भुगतान नहीं करने का आदेश दे दिया है। जोकि राज्य के लिए चिंता का विषय है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के वादे अनुसार बेरोजगारी से जूझ रहे राज्य के नौजवान नौकरी-रोजगार की उम्मीद लागए बैठा है। जिन महिलाओं को चुनाव में सीड मनी के रूप में 10 हजार रुपया देकर वोट लिया और वो महिलाएं 1 लाख 90 हजार रुपया पाने की उम्मीद में बैठी है। राज्य की जनता बेहतर चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था की उम्मीद में बैठी हुई है। वहीं अब नीतीश-भाजपा सरकार वित्तीय संकट का रोना शुरू कर दी है। सरकार को रोना धोना छोड़कर जनता से किए गए वादा पूरा करने होंगे। अन्यथा राजद चुप बैठने वाली नहीं है।