ममता बनर्जी के शासन में बंगाल अब 'शोनार बांग्ला' नहीं, बल्कि 'खूनी खेल का मैदान' बना: संजय सरावगी

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने आज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी का सही अर्थ तुष्टिकरण, माफिया और क्राइम हो गया है

ममता बनर्जी के शासन में बंगाल अब 'शोनार बांग्ला' नहीं, बल्कि 'खूनी खेल का मैदान' बना: संजय सरावगी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 17, 2026, 2:30:00 PM

पटना: बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने आज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी का सही अर्थ तुष्टिकरण, माफिया और क्राइम हो गया है।  पश्चिम बंगाल की धरती कभी लोकतांत्रिक चेतना और बौद्धिक परंपरा के लिए जानी जाती थी लेकिन आज भय, दबाव और राजनीतिक हिंसा की प्रयोगशाला बना दी गई है।  

भाजपा अध्यक्ष सरावगी ने हाल में एक बीएलओ अशोक दास की आत्महत्या मामले का जिक्र करते हुए सवालिया लहजे में कहा कि क्या अब चुनाव ड्यूटी निभाना भी पश्चिम बंगाल में जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है?  

उन्होंने कहा कि जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ दास एक ईमानदार सरकारी कर्मचारी थे, उन पर टीएमसी नेताओं द्वारा लगातार दबाव बनाया गया। टीएमसी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उन्होंने चुनावी लिस्ट से किसी भी अवैध वोटर को हटाया, तो न सिर्फ उन्हें मार दिया जाएगा, बल्कि उनकी पत्नी और छोटे बच्चे को भी नुकसान पहुंचाया जाएगा। अंत में उस बीएलओ अशोक दास ने मानसिक दबाव और भय में आत्महत्या जैसा कदम उठाने को विवश हो गए।  

उन्होंने कहा, "आज टीएमसी राज में वहां रोहिंग्या और बांग्लादेशी को छोड़कर कोई भी सुरक्षित नहीं है। पश्चिम बंगाल और देश की जनता भी सुरक्षित नहीं है।"  

उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि वे खुद को लोकतंत्र की रक्षक कहती हैं तो फिर आज चुप क्यों हैं? क्या पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों को बचाने की राजनीति इतनी बड़ी हो गई है कि देश के नागरिकों, चुनाव अधिकारियों और उनके परिवारों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई?  

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दावा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब चुप नहीं रहने वाली है। भाजपा इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। भाजपा अशोक दास को न्याय दिलाने और बंगाल को भयमुक्त बनाने तक यह संघर्ष जारी रखेगी।  

उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि अशोक दास की मौत का जिम्मेदार नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ममता बनर्जी जी के शासन में बंगाल अब 'शोनार बांग्ला' नहीं, बल्कि 'खूनी खेल का मैदान' बन चुका है। जहां एक ओर सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने के डर से जान दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे खुलेआम चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को आग के हवाले कर रहे हैं।  

उन्होंने कहा, "एसआईआर को लेकर टीएमसी हिंसा पर उतर आती है। यह 'तुष्टिकरण की राजनीति' का सबसे भयावह चेहरा है, जहां वोट बैंक को बचाने के लिए पूरे संवैधानिक ढांचे को आग लगाई जा रही है। "

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कई उदाहरण देते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के आगे टीएमसी के लिए देश की सुरक्षा भी कोई महत्व नहीं रखती है।  

उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में आज न लोकतंत्र सुरक्षित है, न लोकतांत्रिक व्यवस्था और न ही वे लोग जो इस लोकतांत्रिक व्यवस्था को चलाते हैं। भाजपा इस दमनकारी शासन के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी।"  

बिहार भाजपा ने अशोक दास मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और चाकुलिया में हिंसा करने वाले टीएमसी गुंडों पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।  

पंजाब में भगवंत मान सरकार के मीडिया पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भी बिहार भाजपा अध्यक्ष सरावगी ने आम आदमी पार्टी पर सियासी हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया पर केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार लगातार हमला कर रही है। सही खबर चलाने या प्रकाशित करने का काम करने वाले मीडिया दफ्तरों पर रेड मारी जाती है, एफआईआर की जाती है और उन पर दबाव बनाया जाता है।  

उन्होंने हाल ही में पंजाब केसरी के पत्रकारों और कर्मचारियों को पंजाब पुलिस द्वारा मारपीट करने, अखबार के दफ्तर का ताला तोड़ने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह सरासर लोकतंत्र पर हमला है। भाजपा इसकी कठोर शब्दों में कड़ी निंदा करती है, भर्त्सना करती है।  

उन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार मीडिया पर सरकार द्वारा हमले कराए जा रहे हैं। जालंधर में भी स्थित सूरानुसी प्रिंटिंग प्रेस में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उच्च अधिकारी और कर्मचारी पुलिस बल के साथ जबरदस्ती अंदर घुसकर अखबार के कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी।