बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC द्वारा 2026 तक की प्रतियोगी परीक्षाओं का परीक्षा कैलेंडर जारी होते ही शिक्षक अभ्यर्थियों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। वजह साफ है—पूरे कैलेंडर में कहीं भी शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
कैलेंडर से TRE-4 के गायब होने के बाद अभ्यर्थियों में सरकार की मंशा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार जानबूझकर TRE-4 को टालने की कोशिश कर रही है। इससे हजारों युवा अभ्यर्थी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
इसी नाराज़गी के बीच आज शिक्षक अभ्यर्थी TRE-4 और लाइब्रेरियन वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर उतरने जा रहे हैं। यह प्रदर्शन सुबह 11 बजे पटना कॉलेज से शुरू होकर जेपी गोलंबर तक जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों के शामिल होने की संभावना है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने पहले एक लाख से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा किया था, लेकिन बाद में यह संख्या घटाकर करीब 26 हजार कर दी गई। अब स्थिति यह है कि सरकार उतनी वैकेंसी भी जारी करने को तैयार नहीं दिख रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
वहीं, शिक्षा मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि इस बार करीब 25 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की संभावना है और विषयवार जरूरतों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया था कि जनवरी के बाद TRE-4 की प्रक्रिया शुरू होगी।
अब सवाल यह है कि जब परीक्षा कैलेंडर जारी हो चुका है और उसमें TRE-4 का कोई जिक्र नहीं है, तो क्या सरकार अपने वादों पर खरी उतरेगी, या शिक्षक अभ्यर्थियों का इंतजार और लंबा होगा?