पटना के फुलवारी शरीफ में 16 साल की एक कोचिंग छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। परिवार ने इसे हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ दरिंदगी की गई और विरोध करने पर उसे कोचिंग सेंटर की छत से नीचे फेंक दिया गया।
परिवार के मुताबिक छात्रा फंडामेंटल कोचिंग में पढ़ने गई थी। वहीं कुछ लोगों ने उसके साथ गलत काम किया। विरोध करने पर उसे ऊपर से नीचे फेंक दिया गया। परिजनों का दावा है कि शरीर पर कई गंभीर चोट के निशान थे। जख्म साफ दिखाई दे रहे थे। इन्हीं निशानों को आधार बनाकर परिवार हत्या का आरोप लगा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया गया। यह प्रक्रिया पटना एम्स में कई घंटों तक चली। रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। तीन से चार दिन में रिपोर्ट आने की संभावना जताई जा रही है। शुक्रवार सुबह छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घर में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। एम्स गोलंबर के पास सड़क जाम कर दिया गया। कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई। कुछ स्थानों पर आगजनी की भी सूचना है। हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पूर्व विधायक गोपाल रविदास पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और न्यायिक जांच आयोग गठित करने की बात कही। वहीं पटना के सीनियर एसएसपी कार्तिकेय कुमार शर्मा खुद मौके पर पहुंचे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल पूरा शहर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है।