'तेजस्वी को ज्ञान के इंजेक्शन की सख्त जरुरत' जेडीयू का करारा पलटवार, 'ट्विटर बबुआ' तक कह दिया
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुख्य प्रवक्ता सह एमएलसी नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा और उन्हें 'ट्विटर बबुआ' करार दिया।
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुख्य प्रवक्ता सह एमएलसी नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा और उन्हें 'ट्विटर बबुआ' करार दिया। उन्होंने तेजस्वी यादव पर अधूरी जानकारी के आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि कल एक शुभ दिन होने के बावजूद तेजस्वी यादव अपनी आदत के अनुसार असत्य बोलने से बाज नहीं आए।
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुख्य प्रवक्ता सह एमएलसी नीरज कुमार ने पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव के आरोपों का जवाब दिया और जमकर हमला बोला। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी यादव को तथ्यों की सही जानकारी लेने के बाद ही बयान देना चाहिए। प्रवक्ताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान एक वीवीआईपी शौचालय के निर्माण पर 7.41 लाख रुपये खर्च होने का आरोप लगाया था। जबकि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के 2 जून 2026 के आधिकारिक पत्र के अनुसार उस अवधि में एक नहीं, बल्कि चार शौचालयों का निर्माण कराया गया था।
इन चारों शौचालयों पर कुल 4 लाख 71 हजार 691 रुपये खर्च हुए, जिससे प्रति शौचालय लागत लगभग 1 लाख 17 हजार 922 रुपये बैठती है। आंकड़ों के साथ पलटवार करते हुए जेडीयू नेता ने कहा कि तेजस्वी यादव को जानकारी का घोर अभाव है क्योंकि वे बिहार में रहते ही कहां हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी ने जहां सिर्फ एक शौचालय बनने का दावा किया था, असल में वहां चार शौचालय बनाए गए थे और कुल खर्च केवल 4 लाख आया है। यानी वर्तमान सरकार में प्रति शौचालय 1 लाख 56 हजार का खर्च हुआ है।
जद (यू) नेताओं ने तेजस्वी यादव द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए आकस्मिक निधि से 3,662 करोड़ रुपये की निकासी को आर्थिक दिवालियापन बताने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आकस्मिक निधि का उपयोग वित्तीय दिवालियापन का संकेत नहीं होता। किसी राज्य की आर्थिक स्थिति का आकलन उसके ऋण भुगतान, कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और बाजार से ऋण लेने की क्षमता जैसे मानकों पर किया जाता है।
प्रवक्ताओं ने दावा किया कि बिहार का ऋण-जीएसडीपी अनुपात हाल के वर्षों में 33 से 40 प्रतिशत के बीच रहा है, जो भारतीय रिजर्व बैंक और वित्त आयोग द्वारा स्वीकार्य सीमा के आसपास है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि पंजाब का ऋण-जीएसडीपी अनुपात 45 प्रतिशत से अधिक, पश्चिम बंगाल का लगभग 38-40 प्रतिशत और केरल का लगभग 35-40 प्रतिशत है।
वहीं नीरज कुमार ने 'कंगन विवाद' पर भी जमकर चुटकी ली। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर तंज कसते हुए उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने भोजपुरी गायक छोटू छलिया को हीरा समझकर कोई साधारण पत्थर थमा दिया? उन्होंने कहा कि यह बेहद अजीब परिस्थिति है कि एक तरफ राजद की 'राजमाता' (राबड़ी देवी) ने कंगन को हीरा बताया और दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के विधान पार्षद सुनील सिंह ने उसे महज पत्थर करार दे दिया।
नीरज कुमार ने कहा कि यह सीधे तौर पर राबड़ी देवी का अपमान है और राजद को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर सच क्या है। इस पूरे विवाद को एक गंभीर वित्तीय सस्पेंस बताते हुए एमएलसी नीरज कुमार ने घोषणा की कि वे इस मामले को लेकर जल्द ही आर्थिक अपराध इकाई (EOI) को एक आधिकारिक पत्र लिखने जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे कंगन प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
जदयू ने कहा कि जिस राशि को तेजस्वी यादव आर्थिक दिवालियापन बता रहे हैं, उसी राशि का उपयोग राज्य के 94 लाख से अधिक बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग लाभार्थियों को बढ़ी हुई दर पर पेंशन देने के लिए किया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान जद (यू) नेताओं ने तेजस्वी यादव से कई सवाल भी पूछे और आरोप लगाया कि वे तथ्यों की जांच किए बिना सोशल मीडिया के आधार पर राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं।