राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव इन दिनों केरल के दौरे पर हैं, जहां उनके एक बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि वे देश के सबसे गरीब राज्य Bihar से आते हैं और केरल स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार को केरल से सीख लेने की जरूरत है।
तेजस्वी के इस बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू यानी जेडीयू ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने इसे राज्य और यहां के 14 करोड़ लोगों का अपमान बताया है।
श्रवण कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि आरजेडी के 15 साल के शासनकाल में बिहार की पहचान घोटालों और अपहरण उद्योग से जुड़ी रही। उनका कहना है कि उस दौर में कानून व्यवस्था बेहद खराब थी और लोग डर के साए में जीते थे। वहीं, उन्होंने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास, बेहतर कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव की दिशा में लंबी प्रगति की है।
जेडीयू नेता ने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव राजनीतिक फायदे के लिए बिहार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता इस तरह की राजनीति को समझती है और समय आने पर जवाब भी देती है। साथ ही, उन्होंने तेजस्वी यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
श्रवण कुमार ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव अक्सर दक्षिण भारतीय दलों जैसे Dravida Munnetra Kazhagam के साथ खड़े नजर आते हैं, जो कथित तौर पर बिहारियों के खिलाफ बयान देते रहे हैं। जेडीयू का मानना है कि इस तरह के बयान तेजस्वी की राजनीतिक अपरिपक्वता को दर्शाते हैं और इससे राज्य की छवि को वैश्विक स्तर पर नुकसान पहुंचता है।