महिला आरक्षण को लेकर तेजस्वी यादव का केंद्र पर हमला, 50% कोटा और वर्गीय हिस्सेदारी की उठाई मांग

महिला आरक्षण को लेकर तेजस्वी यादव का केंद्र पर हमला, 50% कोटा और वर्गीय हिस्सेदारी की उठाई मांग

महिला आरक्षण को लेकर तेजस्वी यादव का केंद्र पर हमला, 50% कोटा और वर्गीय हिस्सेदारी की उठाई मांग
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 17, 2026, 5:39:00 PM

बिहार की राजनीति में महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस विषय पर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए केवल 33 प्रतिशत नहीं, बल्कि आधी आबादी के अनुरूप 50 प्रतिशत आरक्षण की समर्थक है।

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए बताया कि यह विचार नया नहीं है, बल्कि समाजवादी परंपरा से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत कई समाजवादी नेताओं ने लंबे समय से महिलाओं के व्यापक प्रतिनिधित्व की वकालत की है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि आरक्षण की व्यवस्था में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए अलग प्रावधान होना जरूरी है।

केंद्र सरकार द्वारा 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसकी क्रियान्वयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि सरकार ने इसे लागू करने को जनगणना और परिसीमन से जोड़ते हुए 2034 तक टालने की बात कही है, जबकि अब तक इस कानून को लागू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

परिसीमन के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा सकता है। उनके मुताबिक, ऐसे कदमों से संविधान की मूल भावना और संघीय ढांचे पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मुद्दों को उठाकर सत्ताधारी दल समय-समय पर जनभावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश करता है।