तेजस्वी से पहले सहनी को तेजप्रताप ने दिया दही-चूड़ा कार्यक्रम का न्योता

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति पर होने वाली दही-चूड़ा की दावत सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी मानी जाती है।

तेजस्वी से पहले सहनी को तेजप्रताप ने दिया दही-चूड़ा कार्यक्रम का न्योता
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 11, 2026, 9:53:00 PM

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति पर होने वाली दही-चूड़ा की दावत सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी मानी जाती है। इसी कड़ी में इस बार लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज खासा चर्चा में है।

 14 जनवरी को पटना के 26 एम स्ट्रैंड रोड स्थित उनके सरकारी आवास पर होने वाले इस भव्य आयोजन ने सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है।

पिछले कुछ दिनों से तेज प्रताप यादव सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों के नेताओं को व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण देने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में रविवार को उन्होंने विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की और उन्हें दही-चूड़ा भोज का न्योता दिया। 

मुकेश सहनी को लंबे समय तक तेजस्वी यादव का करीबी राजनीतिक साथी माना जाता रहा है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी वे तेजस्वी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते दिखे थे। ऐसे में तेज प्रताप और मुकेश सहनी की यह मुलाकात राजनीतिक नजरिए से बेहद अहम मानी जा रही है।

तेज प्रताप यादव ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने मुकेश सहनी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज का औपचारिक निमंत्रण दिया और नव वर्ष की शुभकामनाएं भी दीं।

मुकेश सहनी से मिलने के बाद तेज प्रताप यादव बिहार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह के आवास पहुंचे और उन्हें भी भोज के लिए आमंत्रित किया। इससे पहले शनिवार को वे बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से भी मिल चुके हैं। इतना ही नहीं, तेज प्रताप पहले ही कई एनडीए नेताओं के घर जाकर उन्हें निमंत्रण दे चुके हैं, जिनमें डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष सुमन और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश शामिल हैं।

अब सवाल यह है कि क्या यह दही-चूड़ा भोज सिर्फ एक त्योहार का आयोजन है, या इसके जरिए तेज प्रताप यादव बिहार की राजनीति में कोई बड़ा सियासी संकेत देने की तैयारी में हैं।