आज़ादी के बाद बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

आज़ादी के बाद बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

आज़ादी के बाद बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 09, 2026, 11:58:00 AM

पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे।

शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा के लिए केवल सरकार गठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में लंबे राजनीतिक संघर्ष के बाद मिली बड़ी जीत के प्रतीक के रूप में देखा गया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने नए नेतृत्व का जोरदार स्वागत किया।

मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी के चयन की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हुई थी। कोलकाता में भाजपा के नव निर्वाचित विधायकों की बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आयोजित की गई, जिसमें विधायक दल ने सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को अपना नेता चुना। इसके बाद अमित शाह ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम की घोषणा की।

शुभेंदु अधिकारी के साथ राज्य मंत्रिमंडल के पहले चरण में पांच नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू प्रमुख हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का और विस्तार किया जा सकता है।

भाजपा नेताओं ने समारोह में शीर्ष नेतृत्व की व्यापक मौजूदगी को पश्चिम बंगाल में पार्टी की पहली सरकार के राजनीतिक महत्व से जोड़ा। पार्टी का मानना है कि यह जीत राज्य में उसके लंबे संगठनात्मक विस्तार और लगातार बढ़ते जनाधार का परिणाम है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा का सफर कई दशकों तक सीमित राजनीतिक उपस्थिति से शुरू हुआ था। 1982 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाली पार्टी को राज्य विधानसभा में प्रवेश पाने के लिए 34 वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। वर्ष 2016 के चुनाव में भाजपा ने पहली बार तीन सीटें जीतकर खाता खोला और उसका वोट प्रतिशत 10.3 फीसदी रहा। इसके बाद 2021 में पार्टी ने 77 सीटों के साथ खुद को मुख्य विपक्ष के रूप में स्थापित किया और उसे 38.4 फीसदी वोट मिले। अब 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 45.84 प्रतिशत मतों के साथ 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है, जहां पहली बार भाजपा ने अपने दम पर सरकार बनाई है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार के सामने अब प्रशासनिक संतुलन, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और राजनीतिक ध्रुवीकरण जैसे कई अहम मुद्दों से निपटने की चुनौती होगी।