तेजप्रताप यादव द्वारा कुछ नेताओं को जयचंद कहे जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. इस बयान पर विधान पार्षद सुनील सिंह नाराज हो गए हैं. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर कोई उन पर ढेला फेंकेगा तो वे जवाब में बोल्डर फेंकेंगे. उनका कहा कि वे बेवजह के आरोप और बयानबाजी को चुपचाप सहने वाले नहीं हैं.
तेजप्रताप यादव ने एक महिला से अपने कथित रिश्ते को लेकर सफाई दी थी. उन्होंने साफ कहा कि उनका उस महिला से कोई संबंध नहीं है. इसके साथ ही तेजप्रताप ने आरोप लगाया कि उनके फेसबुक अकाउंट को पांच जयचंदों ने हैक कर एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी. उन्होंने इन पांच लोगों के नाम भी बताए, जिनमें सुनील सिंह का नाम भी शामिल था.
तेजप्रताप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील सिंह ने कहा कि तेजप्रताप यादव पहले भी कई बार गैर-जिम्मेदाराना बयान देते रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती, क्योंकि वे कब और किसके बारे में क्या बोल देंगे, यह खुद उन्हें भी नहीं पता होता. सुनील सिंह ने पुराने उदाहरण देते हुए कहा कि तेजप्रताप पहले भी कई वरिष्ठ नेताओं पर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं।
सुनील सिंह ने कहा कि वे लालू प्रसाद यादव को अपना अभिभावक मानते हैं और उनके पूरे परिवार के साथ पिछले 30 वर्षों से खड़े हैं. तेजप्रताप लालू यादव के बेटे हैं, इसलिए अगर वे बचकानी बातें करते हैं तो उस पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझते. उन्होंने यह भी कहा कि कीचड़ का जवाब कीचड़ से देना सही तरीका नहीं होता.
सुनील सिंह से जब पूछा गया कि तेजप्रताप यादव ने कार्रवाई की बात कही है, तो उन्होंने इसे बेबुनियाद बताया. सुनील सिंह ने कहा कि तेजप्रताप उनकी पार्टी के नेता नहीं हैं और न ही वे उन पर कोई कार्रवाई कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि तेजप्रताप को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए और सोच-समझकर बयान देना चाहिए, क्योंकि राजनीति में शब्दों की जिम्मेदारी बहुत बड़ी होती है.