प्रवासी बिहारियों की मदद को आगे आए राज्य सरकार, परिवारों की चिंता होगी दूर: सहनी
विकासशील देशों में काम की तलाश में जाने वाले हजारों बिहारी मजदूर और पेशेवर आज खाड़ी देशों में अपनी मेहनत से पहचान बना रहे हैं
विकासशील देशों में काम की तलाश में जाने वाले हजारों बिहारी मजदूर और पेशेवर आज खाड़ी देशों में अपनी मेहनत से पहचान बना रहे हैं। लेकिन जब किसी वजह से वे वहां फंस जाते हैं—चाहे वह वीज़ा की समस्या हो, नौकरी छूट जाना हो, वेतन न मिलना हो या किसी अन्य संकट की स्थिति—तो उनके सामने गंभीर परेशानी खड़ी हो जाती है। ऐसे हालात में न सिर्फ वे खुद मानसिक और आर्थिक दबाव झेलते हैं, बल्कि बिहार में बैठे उनके परिवार भी चिंता और असमंजस में दिन-रात गुजारते हैं।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए सहनी ने बिहार सरकार से आग्रह किया है कि खाड़ी देशों में फंसे प्रवासी बिहारियों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए। उनका कहना है कि यह हेल्पलाइन सिर्फ एक फोन नंबर नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है। अगर सरकार की ओर से आधिकारिक हेल्पलाइन जारी होती है, तो प्रवासी सीधे अपनी समस्या दर्ज करा सकेंगे और उन्हें त्वरित मार्गदर्शन व सहायता मिल सकेगी।
सहनी ने यह भी कहा कि इस पहल से प्रवासियों के परिवारों को भी बड़ी राहत मिलेगी। अक्सर परिवारों को अपने परिजनों की स्थिति की सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे अफवाहें और चिंता बढ़ जाती है। हेल्पलाइन के माध्यम से सत्यापित और नियमित जानकारी उपलब्ध होने से परिजनों की मानसिक परेशानी कम होगी और भरोसा कायम रहेगा।
उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस दिशा में त्वरित कदम उठाए जाएं, ताकि बिहार के मेहनतकश प्रवासी सुरक्षित महसूस करें और किसी भी संकट की घड़ी में अपने राज्य की मदद पा सकें।