शिवचंद्र राम से मिलने मिठाई लेकर पहुंचे सुनील सिंह, भाई वीरेंद्र हॉर्लिक्स लेकर गए, रोते हुए किया था इस्तीफे का ऐलान
नाराज होकर इस्तीफा देने वाले शिवचंद्र राम को मनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। सुनील सिंह और भाई वीरेंद्र की मुलाकात सबसे ज्यादा चर्चा में रही।
बिहार में एमएलसी चुनाव के दौरान टिकट नहीं मिलने से आरजेडी नेता और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम की नाराजगी सामने आई थी। कुछ दिन पहले उन्होंने भावुक होकर इस्तीफे का ऐलान कर दिया था। हालांकि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। इस बीच शिवचंद्र राम की तबीयत बिगड़ गई है। ऐसे में वे अस्पताल में हैं और पार्टी के नेता उनसे मिलने भी पहुंच रहे हैं। नाराज होकर इस्तीफा देने वाले शिवचंद्र राम को मनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। सुनील सिंह और भाई वीरेंद्र की मुलाकात सबसे ज्यादा चर्चा में रही।
शिवचंद्र राम पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज करा रहे हैं। इसी बीच कई राजद नेता उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे। राजद विधायक भाई वीरेंद्र भी हॉर्लिक्स लेकर उनसे मिलने पहुंचे थे। हॉर्लिक्स देते हुए तस्वीर को खुद भाई वीरेंद्र ने अपने एक्स हैंडल से शेयर किया है।
भाई वीरेंद्र ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा है-हमारे मनेर में यह प्रथा है कि जब कोई बीमार हो जाए तो हॉस्पिटल में हॉर्लिक्स लेकर जाते हैं। बचपन में सुनता था कि इसको दूध में मिलाकर पीने से ताकत आती है। श्री शिवचंद्र राम जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है। आजकल लोग सेब अनार भी लेकर जाते हैं, लेकिन असल यही हॉर्लिक्स है।
सुनील सिंह भी मिठाई लेकर शिवचंद्र राम से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया और उन्हें मिठाई खिलाई। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा में हैं। राजद के एमएलसी उम्मीदवार को लेकर शिवचंद्र राम और सुनील सिंह का नाम सबसे आगे माना जा रहा था। लेकिन नामांकन के दिन पार्टी ने सुनील सिंह को उम्मीदवार बना दिया। जिसको लेकर उन्होंने इस्तीफे का ऐलान कर दिया और शिवचंद्र राम का मानना है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है क्योंकि वे पार्टी के हर फरमान को मानते आए हैं।
बता दें कि शिवचंद्र राम आरजेडी के पुराने नेता हैं। 1990 से वे पार्टी से जुड़े हैं। अब जब सुनील सिंह को एमएलसी के लिए आरजेडी ने दोबारा मौका दिया है तो शिवचंद्र राम का मानना है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है क्योंकि वे पार्टी के हर फरमान को मानते आए हैं। शिवचंद्र राम ने रोते हुए इस्तीफे का ऐलान किया था और कहा था कि टिकट नहीं मिलने से बेहद आहत हैं। ऐसे में समाज के सम्मान को देखते हुए उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का फैसला लिया। हालांकि पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया।