तारापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के गृह मंत्री ने तकनीक, पारदर्शिता और प्रशासनिक सख्ती को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब समय पूरी तरह बदल चुका है और टेक्नोलॉजी के इस दौर में कोई भी गलत काम ज्यादा देर तक छिपा नहीं रह सकता।
गृह मंत्री ने 90 के दशक की तुलना करते हुए कहा कि उस समय ग्रेजुएट होना ही बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, लेकिन आज अगर कोई व्यक्ति मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया से जुड़ा नहीं है तो उसे इंटेलेक्चुअल नहीं माना जाता। उन्होंने कहा कि तकनीक ने सूचना के आदान-प्रदान को इतना तेज कर दिया है कि अगर प्रधानमंत्री दिल्ली से कोई बात कहते हैं तो महज पांच मिनट में उसकी जानकारी रामपुर चौक तक पहुंच जाती है।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी ने व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है और सरकार इसी पारदर्शिता का लाभ उठाकर सिस्टम को मजबूत कर रही है। इसी दौरान गृह मंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, “मैं गृह मंत्री हूं, सबका इलाज करता हूं और सबकी रिपोर्ट मेरे पास है। कौन कहां गड़बड़ कर रहा है, मुझे सब पता है। समय आने दीजिए, एक-एक आदमी को अंदर डालूंगा।”
गृह मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि थानेदार, बीडीओ, सीओ या कोई भी अधिकारी अगर गड़बड़ी करेगा तो उसकी रिपोर्ट अब सीधे सरकार तक पहुंच रही है। कोई भी बचने वाला नहीं है, क्योंकि जनता सबसे पहले ब्लॉक और थाने का रुख करती है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को और ज्यादा दुरुस्त किया जाएगा।
अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जब पहली बार तारापुर की जनता ने उनकी माता को चुनाव जिताया था, तभी से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में उन्हें 27 साल हो चुके हैं और वे एक-एक समस्या को समझते हैं। “मुझे गर्व है कि मैं तारापुर का बेटा हूं,”
उन्होंने कहा अंत में गृह मंत्री ने जनता से आशीर्वाद मांगा और भरोसा दिलाया कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते रहेंगे।