बिहार में सीएम सम्राट चौधरी की कैबिनेट का विस्तार हो गया है। नई सरकार में कुल 32 मंत्री शामिल किए गए हैं। सीएम सम्राट ने गुरुवार की शाम नए मंत्रियों में विभागों का बंटवारा भी कर दिया है। विभाग बंटवारे में सत्ता का संतुलन, गठबंधन की मजबूती और भविष्य की रणनीति देखने को मिली है। इस मंत्रिमंडल विस्तार और विभाग बंटवारे में कुछ विभाग पहली बार किसी दल के खाते में गए, तो वहीं पिछली सरकार में मंत्री रहे नेताओं का भी इस बार विभाग बदल गया। इस बार एनडीए सरकार में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। पहली बार ऐसा हुआ है कि स्वास्थ्य विभाग नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के खाते में गया है। जबकि शिक्षा विभाग बीजेपी ने अपने पास रखकर बड़ा सियासी संकेत दिया है।
सम्राट कैबिनेट में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को दी गई है। नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकारों में यह विभाग हमेशा सहयोगी दलों के पास ही जाता रहा है। एनडीए की सरकार में बीजेपी और महागठबंधन की सरकार में आरजेडी कोटे के मंत्रियों को इस विभाग की जिम्मेदारी दी जाती रही है। नीतीश सरकार में बीजेपी के मंगल पाण्डेय इस विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा होता है। ऐसे से में अगर निशांत कुमार इस विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हैं तो जेडीयू उन्हें आगे प्रमोट कर सकती है। यानि कि जेडीयू भविष्य की तैयारी शुरू कर चुकी है।
वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने पहली बार शिक्षा विभाग अपने पास रखा है। बीजेपी कोटे से मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। अब तक यह विभाग अधिकतर जेडीयू के पास रहा करता था। इतना ही नहीं ऊर्जा विभाग में हुआ बदलाव भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। पिछले लगभग तीन दशकों से ऊर्जा विभाग संभाल रहे बिजेंद्र प्रसाद यादव से यह विभाग बदल गया है अब ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बुलो मंडल को दी गई है। बिहार की राजनीति में विजेंद्र यादव को ऊर्जा विभाग का पर्याय माना जाता था। अब बिजेंद्र प्रसाद यादव वित्त विभाग सभालेंगे। कहा जा रहा है कि बुलो मंडल को ऊर्जा विभाग देना सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी माना जा रहा है। कोसी-सीमांचल क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए जेडीयू का बड़ा फैसला माना जा रहा है।
बता दें कि सम्राट कैबिनेट विस्तार में बीजेपी को सबसे ज्यादा 15 (सीएम समेत), जेडीयू को 13, जबकि लोजपा (रामविलास), हम (सेकुलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी हिस्सेदारी दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रख लिए। इनमें गृह, सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, सिविल एविएशन और बाकी अनआवंटित विभाग शामिल हैं। विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग की जिम्मेदारी मिली है, जबकि दिलीप जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मंत्री बनाया गया है।
मंत्रियों के विभागों का बंटवारा
बीजेपी
सम्राट चौधरी- सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, सिविल विमानन विभाग
विजय कुमार सिन्हा- कृषि विभाग
दिलीप जायसवाल- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
रामकृपाल यादव- सहकारिता विभाग
मिथलेश तिवारी- शिक्षा विभाग
रमा निषाद- पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
केदार गुप्ता- पर्यटन विभाग
नीतीश मिश्रा- नगर विकास एवं आवास, सूचना एवं प्रौद्योगिकी
प्रमोद चंद्रवंशी- खान एवं भूतत्व, कला एवं संस्कृति विभाग
लखेंद्र पासवान- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग
संजय टाइगर- उच्च शिक्षा, विधि विभाग
ई कुमार शैलेन्द्र- पथ निर्माण विभाग
अरुण शंकर प्रसाद- श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग
रामचंद्र प्रसाद- पर्यावरण, वन्य एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
नंद किशोर राम- डेयरी, मतस्य एवं पशु संसाधन विभाग
श्रेयसी सिंह- उद्योग एवं खेल विभाग
जेडीयू
विजय चौधरी- जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री
बिजेन्द्र प्रसाद यादव- वित्त एवं वाणिज्य कर विभाग
श्रवण कुमार- ग्रामीण विकास, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग
निशांत कुमार- स्वास्थ्य मंत्री
मदन सहनी- मध निषेध विभाग
लेसी सिंह- भवन निर्माण विभाग
दामोदर रावत- परिवहन विभाग
श्रीभगवान सिंह कुशवाहा- योजना एवं विकास विभाग
बुलो मंडल- ऊर्जा विभाग
श्वेता गुप्ता- समाज कल्याण विभाग
सुनील कुमार- ग्रामीण कार्य विभाग
शीला मंडल- विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा
रत्नेश सदा- आपदा प्रबंधन
जमा खान- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
अशोक चौधरी- खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण
LJPRV (चिराग पासवान की पार्टी)
1 संजय पासवान- गन्ना उद्योग
2 संजय सिंह- लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग
HAM (मांझी की पार्टी)
1 संतोष कुमार सुमन- लघु जल संसाधन विभाग
RLM ( उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी।)
1 दीपक प्रकाश- पंचायती राज्य विभाग