Bihar Legislative Council में बजट सत्र के दौरान शिक्षकों का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi ने सदन के अंदर महिला शिक्षकों की समस्याओं को उठाते हुए सरकार से मांग की कि उन्हें उनके गृह जिले में ही ट्रांसफर किया जाए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज जिलों में तैनाती के कारण महिला शिक्षकों को रोजाना आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही उन्हें अपने घर और बच्चों की जिम्मेदारी भी निभानी होती है। अगर गृह जिले में पोस्टिंग दी जाती है तो इससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी और वे बेहतर ढंग से अपनी सेवाएं दे सकेंगी।
राबड़ी देवी की इस मांग पर शिक्षा मंत्री Sunil Kumar ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए मामले पर विचार करने का भरोसा दिलाया। हालांकि, सदन के बाहर विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा किया। राबड़ी देवी ने राज्य में बढ़ते अपराध पर सवाल उठाए और गृह मंत्री Samrat Choudhary से इस्तीफे की मांग भी की।
वहीं, एमएलसी Dr. Sanjeev Kumar Singh ने शिक्षकों की छुट्टी से जुड़ी तकनीकी समस्या को सदन में रखा। उन्होंने कहा कि कैजुअल लीव (CL) के नियमों के अनुसार रविवार या घोषित अवकाश को CL में नहीं जोड़ा जाता, लेकिन ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर आवेदन करते समय इन छुट्टियों को जोड़ दिया जाता है, जिससे शिक्षकों को नुकसान हो रहा है। इस मुद्दे पर भी शिक्षा मंत्री ने सुधार का आश्वासन दिया।
अब देखना यह होगा कि महिला शिक्षकों के ट्रांसफर और CL से जुड़े तकनीकी विवाद पर सरकार क्या ठोस कदम उठाती है।