RSS प्रमुख मोहन भागवत का तीन दिवसीय बिहार दौरा, पटना एयरपोर्ट पर सीएम सम्राट ने किया स्वागत, 3 दिन रहेंगे मुंगेर में
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन दिवसीय बिहार दौरे पर रविवार को पटना पहुंचे। पटना एयरपोर्ट पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित संघ और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन दिवसीय बिहार दौरे पर रविवार को पटना पहुंचे। पटना एयरपोर्ट पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित संघ और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में शताब्दी वर्ष समारोह मना रहा है। इसी के तहत वे मुंगेर में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग में शामिल होंगे और करीब 700 स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन देंगे। इस दौरे को संगठन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
पटना पहुंचने के बाद RSS प्रमुख मोहन भागवत आज शाम मुंगेर के लिए रवाना होंगे। वे तीन दिन मुंगेर में रहेंगे। इस दौरान मोहन भागवत कई संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और स्वयंसेवकों से संवाद करेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। इसी को लेकर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में मोहन भागवत का बिहार दौरा भी संघ के शताब्दी वर्ष अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पटना पहुंचने के बाद मोहन भागवत रविवार शाम मुंगेर जाएंगे। उनका प्रवास 7 जून से 9 जून तक रहेगा। इस दौरान वे कई संगठनात्मक बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुंगेर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर, पुरानीगंज परिसर में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग कार्यक्रम में भागवत करीब 700 स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करेंगे। यहां वे विभिन्न राज्यों से आए करीब 700 स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे। संघ इन कार्यक्रमों के माध्यम से अपने स्वयंसेवकों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी विचारधारा और कार्यों को पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
इस दौरान आरएसएस प्रमुख स्वयंसेवकों को संघ की विचारधारा, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में संबोधित करेंगे। साथ ही संगठन को मजबूत करने और समाज के विभिन्न वर्गों में स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस प्रवास के दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा।