तेजस्वी के करीबी संजय यादव पर रोहिणी आचार्य का सनसनीखेज खुलासा, नई पार्टी..परिवार में फूट..राजद बर्बाद
राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजद सांसद संजय यादव पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाया है और उसे चैलेंज भी किया है।
राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य लगातार अपने भाई तेजस्वी यादव के फैसले पर सवाल उठा रही है। खासकर तेजस्वी यादव के करीबी राजनीतिक सलाहकार संजय यादव पर वह लगातार हमलावर रही हैं। इस बीच एक बार फिर रोहिणी आचार्य ने राजद सांसद संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाया है और उसे चैलेंज भी किया है। आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत के बयान के बहाने रोहिणी आचार्य ने संजय यादव पर बड़ा हमला बोला है।
रोहिणी आचार्य ने संजय यादव को चैलेंज देते हुए कहा कि इतनी ही काबिलियत है तो क्यों नहीं वो अपनी एक हाई-टेक पार्टी बना अपनी काबिलियत आजमा लेता? रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा है-विधायक जिस संजय यादव को राजद को ट्रांसफॉर्म करने का क्रेडिट दे रहे हैं। उसने तो राजद को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा किया, लालू जी के परिवार में फूट डाल दी। उसकी ही वजह से संख्याबल के हिसाब से भी राजद लगातार चुनावों में पिछड़ता चला गया। संगठन संजय के दलालों-गुर्गों की गिरफ्त में आ कर कमजोर हो गया। रोहिणी ने आगे कहा कि अगर संजय यादव और उसके ऐसे ही किसी और में इतनी ही काबिलियत है , तो क्यों नहीं वो अपनी एक हाई-टेक पार्टी बना अपनी काबिलियत आजमा लेता?
दरअसल आरजेडी विधायक और तेजस्वी यादव के करीबी कुमार सर्वजीत ने एक पॉडकास्ट में कहा है कि संजय यादव ने राजद को लठैत पार्टी से हाई टेक्नोलॉजी बना दिया है। जिस पर रोहिणी आचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि इसको ही कहते हैं, जिस थाली में खाना, उसी में छेद करना.. विधायक के द्वारा ये कहना कि राजद लठैत पार्टी थी। बिल्कुल सामंती सोच वाला बयान है और ये लालू जी की विचारधारा के विरोधियों की भाषा है। कहीं ऐसा तो नहीं कि विधायक विरोधियों और राजद में घुसपैठ कर बैठे विरोधियों के एजेंटों की शह एवं इशारे पर ऐसा बोल रहे हैं!
रोहिणी ने कहा-वर्षों से राजद में हैं विधायक, राजद के गठबंधन वाली सरकार में मंत्री भी रहे। सांसदी का चुनाव भी राजद के सिंबल पर लड़ा , मगर उन्हें पहले कभी राजद के बारे में वो नजर नहीं आया जो अचानक आज नजर आने लगा ? रोहिणी आगे लिखती है-दुनिया जानती है कि लालू जी का राष्ट्रीय जनता दल गरीब-गुरबों-शोषितों-वंचितों का दल था। हाशिए पर खड़ी आबादी के अधिकार के लिए लड़ने, आवाज उठाने वाला दल था और गरीब विरोधी , सामजिक न्याय के विरोधियों के द्वारा ही राजद के बारे में ऐसा दुष्प्रचार किया गया। जैसा राजद के ये विधायक कर रहे हैं..