आरसीपी सिंह के परिवार के साथ एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। उनकी सुपुत्री, समाजसेवी सुश्री लता सिंह ने प्रतिष्ठित एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज का मान बढ़ाया है। यह उपलब्धि सचमुच गर्व का विषय है।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित एओआर परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित विधिक परीक्षाओं में गिनी जाती है। इस वर्ष लगभग 5000 अधिवक्ताओं ने इसमें भाग लिया, जिनमें से केवल 207 अभ्यर्थी ही सफलता प्राप्त कर सके। ऐसे प्रतिस्पर्धी और चुनौतीपूर्ण वातावरण में सफलता हासिल करना असाधारण परिश्रम, गहन विधिक ज्ञान और अदम्य आत्मविश्वास का परिचायक है। सुश्री लता सिंह ने यह सिद्ध कर दिया है कि समर्पण और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह एक प्रेरणादायक संदेश भी है—कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और संकल्प दृढ़, तो कोई भी शिखर दूर नहीं रहता। जब परिवार में अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा की भावना रची-बसी हो, तो सफलता स्वयं मार्ग खोज लेती है।
किसी भी माता-पिता के लिए इससे बड़ा गर्व का क्षण क्या हो सकता है, जब उनके दोनों संतानों ने देश की सर्वोच्च प्रतिष्ठित सेवाओं में स्थान बनाया हो—एक ओर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन और दूसरी ओर देश के सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में मान्यता। यह परिवार की सोच, परवरिश और मूल्यों की भी विजय है।
इस उपलब्धि पर समाजसेवी आशीष रंजन सिंह ने हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हम सभी को विश्वास है कि सुश्री लता सिंह आगे भी न्याय और सेवा के पथ पर अग्रसर रहकर देश और समाज का नाम रोशन करती रहेंगी।