झारखंड राज्यसभा चुनाव में बाहरी दिग्गजों की दस्तक, सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर

झारखंड राज्यसभा चुनाव में बाहरी दिग्गजों की दस्तक, सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर

झारखंड राज्यसभा चुनाव में बाहरी दिग्गजों की दस्तक, सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 06, 2026, 4:08:00 PM

झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के बीच अब तक छह संभावित उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

नामांकन पत्र लेने वालों में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के पूर्व राज्यसभा सांसद वी. विजयसाई रेड्डी और उद्योग जगत से जुड़े परिमल नाथवाणी का नाम विशेष रूप से चर्चा में है। नाथवाणी इससे पहले वर्ष 2008 और 2014 में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा पहुंच चुके हैं। इनके अलावा रवि कुमार यादव, बैजनाथ राम, गौरव वल्लभ और प्रणव झा ने भी नामांकन पत्र प्राप्त किया है।

राजनीतिक दलों की ओर से उम्मीदवारों की तस्वीर भी लगभग साफ हो चुकी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बैजनाथ राम को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा के नाम पर मुहर लगाई है।

इस बीच वी. विजयसाई रेड्डी की मौजूदगी ने चुनावी समीकरणों को लेकर कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे रेड्डी लंबे समय तक आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के परिवार से जुड़े रहे हैं। वह वर्ष 2016 से राज्यसभा में वाईएसआरसीपी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और पार्टी के संसदीय दल का नेतृत्व भी संभाल चुके हैं।

संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने वाणिज्य संबंधी मामलों के साथ-साथ परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति की जिम्मेदारियां भी निभाई थीं। हालांकि आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी की चुनावी पराजय के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने की घोषणा कर दी थी।

रेड्डी का नाम हाल के वर्षों में आंध्र प्रदेश से जुड़े कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच के संदर्भ में भी सामने आया है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) और विशेष जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

झारखंड राज्यसभा चुनाव में उनकी संभावित भूमिका को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्हें आवश्यक विधायकों का समर्थन कैसे मिलेगा। राज्यसभा चुनाव के लिए किसी भी उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करने हेतु कम से कम नौ विधायकों का समर्थन आवश्यक होता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रेड्डी को किस राजनीतिक समूह या विधायकों का समर्थन प्राप्त हो सकता है।

नामांकन पत्रों की खरीद के साथ ही राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में नामांकन दाखिल होने के बाद यह तस्वीर और स्पष्ट होगी कि मुकाबले का अंतिम स्वरूप क्या रहने वाला है।