राज्यसभा चुनाव से पहले तेजस्वी का बड़ा दावा: बोले– संख्या बल है तभी लड़ रहे हैं चुनाव

आगामी 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में जीत को लेकर तेजस्वी यादव ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। तेजस्वी ने आज गठबंधन के विधायकों की बैठक बुलाई थी

राज्यसभा चुनाव से पहले तेजस्वी का बड़ा दावा: बोले– संख्या बल है तभी लड़ रहे हैं चुनाव
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Mar 11, 2026, 12:25:00 PM

आगामी 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। जीत सुनिश्चित करने के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी रणनीति के तहत तेजस्वी यादव ने आज महागठबंधन के विधायकों की एक अहम बैठक बुलाई। हालांकि इस बैठक से एआईएमआईएम ने दूरी बना ली, जिससे सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि बैठक काफी सकारात्मक रही है और महागठबंधन पूरी तरह आश्वस्त है कि राज्यसभा चुनाव में जीत उनकी ही होगी। तेजस्वी ने कहा कि गठबंधन के सभी विधायकों से बातचीत की जा रही है और सभी एकजुट होकर चुनाव की तैयारी में जुटे हैं।

जब तेजस्वी यादव से पूछा गया कि क्या चुनाव जीतने के लिए जरूरी संख्या बल का इंतजाम हो गया है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर संख्या बल नहीं होता तो हम चुनाव ही क्यों लड़ते। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह के मायने निकाले जा रहे हैं।

दरअसल, बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं। एनडीए ने इन सभी पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं और जीत का दावा भी कर रहा है। वहीं, संख्या बल कम होने के बावजूद राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी ने भी एक सीट पर अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा है।

आरजेडी को उम्मीद है कि कांग्रेस और एआईएमआईएम जैसे सहयोगी दल उनके उम्मीदवार को समर्थन देंगे। हालांकि फिलहाल एआईएमआईएम के रुख को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। बैठक में कांग्रेस के तीन विधायक और आईपी गुप्ता मौजूद रहे, लेकिन एआईएमआईएम के विधायक शामिल नहीं हुए।

एआईएमआईएम की ओर से कहा गया कि उन्हें इस बैठक की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या तेजस्वी यादव अपने पक्ष में जरूरी संख्या बल जुटा पाते हैं या नहीं। राज्यसभा चुनाव के नतीजे बिहार की राजनीति में नए समीकरण भी तय कर सकते हैं।