बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने 44-44 वोटों के साथ जीत दर्ज की है। JDU के रामनाथ ठाकुर को 42 वोट और RLM चीफ उपेंद्र कुशवाहा को 42 वोट मिले।
भाजपा कैंडिडेट शिवेश राम को 30 वोट मिले थे। हालांकि, दूसरी वरियता के आधार पर उन्होंने 37 वोट पाने वाले RJD के एडी सिंह को हरा दिया। इस जीत के साथ ही सीएम नीतीश अब राज्यसभा चले गए हैं।
मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने कहा कि महागठबंधन की ओर से दलित, अल्पसंख्यक या ओबीसी वर्ग से उम्मीदवार नहीं बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वर्गों की अनदेखी कर अन्य कोटे से प्रत्याशी उतारा गया, जिसके विरोध में उन्होंने मतदान का बहिष्कार किया।
वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा की तरफ से ये जानकारी सामने आई कि, वे महागठबंधन द्वारा घोषित उम्मीदवार से नाराज थे। उनकी मांग थी कि राजद नेता और बगहा चीनी मिल के मालिक दीपक यादव को कैंडिडेट बनाया जाना चाहिए था। सुरेंद्र कुशवाहा पहले उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के टिकट पर वाल्मीकिनगर से चुनाव भी लड़ चुके हैं।
जबकि फारबिसगंज से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि जब पार्टी के विधायकों को ही सम्मान नहीं मिलेगा तो वोट देने का कोई मतलब नहीं रह जाता।
मोतिहारी के ढाका से राजद विधायक फैसल रहमान ने कहा, वह वोट डालने के लिए पटना गए थे, लेकिन मां की तबीयत खराब होने की खबर मिलने के बाद वो दिल्ली लौट आए। उन्होंने बताया कि दिल्ली जाने की जानकारी नेताओं को दी थी। फैसल रहमान ने कहा कि 'मां से बढ़कर कुछ भी नहीं है।.