बेवजह का तमाशा कर रहे राहुल गांधी, बन गये हैं विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली डॉ. संतोष सुमन
हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री, बिहार सरकार डॉ. संतोष कुमार सुमन ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष देश में बेवजह का तमाशा खड़ा कर रहे हैं।

पटना: हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री, बिहार सरकार डॉ. संतोष कुमार सुमन ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष देश में बेवजह का तमाशा खड़ा कर रहे हैं। बिना ठोस प्रमाण के संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाना उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं और देश के भीतर वही नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो भारत विरोधी ताकतें चाहती हैं। यदि राहुल गांधी के पास चुनावी प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करें, केवल आरोप लगाने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता।
डॉ. सुमन ने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस को उसकी मूल विचारधारा से पूरी तरह भटका दिया है। राहुल गांधी ने कांग्रेस को कम्युनिस्ट पार्टी बना दिया है। आज की कांग्रेस को देखकर ऐसा लगता है कि उसे न अपनी ऐतिहासिक विरासत की चिंता है और न ही अपनी मूल राजनीतिक विचारधारा की। राहुल गांधी की राजनीति में वामपंथी सोच और विदेशी प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले यह बताना चाहिए कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की विचारधारा से उनका क्या लेना-देना रह गया है? उनके राजनीतिक आचरण और इन नेताओं की राजनीतिक सोच में दूर-दूर तक कोई साम्य दिखाई नहीं देता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की बात कही थी, वह आज कांग्रेस के लगातार होते वैचारिक पतन के कारण सच साबित होती दिखाई दे रही है। कांग्रेस को कमजोर करने का काम किसी विपक्षी दल ने नहीं, बल्कि राहुल गांधी स्वयं कर रहे हैं। जिस पार्टी की कभी देश के राजनीतिक विमर्श में केंद्रीय भूमिका हुआ करती थी, उसे राहुल गांधी ऐसी दिशा में ले गए हैं जहां वह जनता से लगातार कटती जा रही है। देश की जनता अब आरोप, भ्रम और विदेशी नैरेटिव की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। राहुल गांधी को समझना चाहिए कि भारत की राजनीति विदेशी ताकतों के इशारे पर नहीं, बल्कि भारत की जनता, भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर चलेगी।













