बिहार विधानमंडल का बजट सत्र इन दिनों काफी हंगामेदार बना हुआ है। सत्र के दौरान विपक्ष लगातार राज्य की लॉ एंड ऑर्डर व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार पर हमलावर है। सदन के अंदर और बाहर विपक्षी सदस्यों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष Rabri Devi ने दावा किया कि फरवरी महीने में अब तक राज्य में रेप की 34 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने सरकार से इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्ट जवाब मांगा।
राबड़ी देवी ने कहा कि छोटी-छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं और कई मामलों में हत्या भी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार इन अपराधों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि घटनाएं पूरे बिहार में हो रही हैं और हर दूसरे दिन ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जिस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
राजद के एमएलसी सुनील सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फरवरी में 35 से ज्यादा घटनाएं दर्ज हुई हैं और पुलिस इन्हें रोकने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की प्राथमिकताएं गलत दिशा में हैं, जबकि गंभीर अपराधों पर नियंत्रण जरूरी है।
सरकार की ओर से मंत्री सुनील कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि सभी मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है—कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar कमजोर पड़ गए हैं और गृह विभाग भाजपा को सौंप दिया गया है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।