सुरक्षा कटौती के बाद राबड़ी आवास के बाहर नेताओं की भारी भीड़, हाथों में लाठी और माथे पर हरा गमछा बांधकर दे रहे पहरा

लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बिहार में बड़ा घमासान शुरू हो गया है। लालू परिवार की सुरक्षा में अचानक की गई इस बड़ी कटौती से आरजेडी के नेता और कार्यकर्ता भड़क गए हैं। अब लालू-राबड़ी और तेजस्वी की सुरक्षा में राजद कार्यकर्ता उतर आए हैं।

सुरक्षा कटौती के बाद राबड़ी आवास के बाहर नेताओं की भारी भीड़, हाथों में लाठी और माथे पर हरा गमछा बांधकर दे रहे पहरा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: Jun 07, 2026, 4:35:00 PM

लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बिहार में बड़ा घमासान शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती के बाद राबड़ी देवी के आवास से सभी सुरक्षाकर्मी हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी सरकार द्वारा मिली अपनी Y+ सिक्योरिटी को पूरी तरह से लौटा दिया है। लालू परिवार की सुरक्षा में अचानक की गई इस बड़ी कटौती से आरजेडी के नेता और कार्यकर्ता भड़क गए हैं। अब लालू-राबड़ी और तेजस्वी की सुरक्षा में राजद कार्यकर्ता उतर आए हैं। नाराज आरजेडी कार्यकर्ता नेता शनिवार से ही शिफ्ट बनाकर आवास के बाहर पहरा दे रहे हैं। राबड़ी आवास के बाहर कार्यकर्ताओं और नेताओं ने डेरा डाल दिया है।  

राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड, पटना स्थित आवास के बाहर लगातार आरजेडी कार्यकर्ताओं और नेताओं की भीड़ उमड़ रही है। अब राजद कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। पार्टी का आरोप है कि सरकार जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के कारण लालू परिवार की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। इस फैसले के विरोध में आरजेडी कार्यकर्ताओं का गुस्सा उबल पड़ा है और उन्होंने सुरक्षा का जिम्मा अब खुद अपने हाथों में ले लिया है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में लाठी लेकर और माथे पर हरा गमछा बांधकर आवास की सुरक्षा कर रहे हैं।

सुरक्षा हटाए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर आरजेडी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। रविवार को भी भारी संख्या में कार्यकर्ता आवास के मुख्य गेट के बाहर डटे हुए हैं। शनिवार को जैसे ही सुरक्षाकर्मियों को वापस भेजा गया, उसके बाद से ही कार्यकर्ताओं ने अपनी ड्यूटी तय कर ली है और वे अलग-अलग शिफ्ट बनाकर दिन-रात घर का कड़ा पहरा दे रहे हैं। 

धरना स्थल पर आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, पूर्व विधायक डॉ. अनवर आलम, कुमार राय, उपेंद्र चंद्रवंशी और खालिद नसीरुद्दीन समेत दर्जनों कद्दावर नेता और कार्यकर्ता लगातार बैठे हुए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक उनके नेताओं को सही सुरक्षा नहीं मिलती, वे यहां से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।

राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल भी राबड़ी आवास पहुंचे। उन्होंने रक्षा में कटौती को बदले की राजनीति बताया और कहा कि सरकार ने दुर्भावना से सुरक्षा घटाई है। मंगनी लाल मंडल ने कहा कि सुरक्षा की समीक्षा का पैरामीटर होता है, लेकिन कटौती इस हद तक नहीं होनी चाहिए कि उससे किसी नेता का अपमान हो। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो कदम उठाया है, वह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित लगता है। विधायकों और सांसदों द्वारा सुरक्षा त्यागने के सवाल पर मंडल ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी आगे विचार कर फैसला लेगी।

बता दें कि हाल ही में सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ सुरक्षा वापस ले ली थी। इसके बाद राबड़ी देवी ने अपने आधिकारिक आवास से बचे हुए सुरक्षाकर्मियों को भी वापस कर दिया। इसके साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी सरकार द्वारा मिली अपनी Y+ सिक्योरिटी को पूरी तरह से लौटा दिया है। राजद इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रही है। लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती के बाद बिहार में सियासी घमासान मचा हुआ है।