पूर्णिया में शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार के दौरान एक भावुक और गंभीर मामला सामने आया, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा जब जनता की समस्याएं सुन रहे थे, तभी एक विधवा महिला बीबी नासरीन बानो अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ जनता दरबार में पहुंची।
डिप्टी सीएम ने महिला को सम्मानपूर्वक बैठने को कहा और उसकी समस्या सुनी। बीबी नासरीन बानो ने रोते हुए बताया कि उनके पति की मौत के बाद कुछ लोगों ने फर्जी कागजात बनाकर उनकी जमीन बेच दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हीं लोगों ने उनके खिलाफ एसटी-एससी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस लगातार उन्हें परेशान कर रही है, जबकि उनके पास पालन-पोषण के लिए कोई सहारा नहीं है और छोटे बच्चे हैं।
महिला की आपबीती सुनते ही डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का रुख सख्त हो गया। उन्होंने मंच से ही जिला प्रशासन पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम और एसपी को कड़ी फटकार लगाई। विजय सिन्हा ने कहा, “आप लोगों ने पूर्णिया को तमाशा बना कर रख दिया है। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित महिला को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।”
डिप्टी सीएम ने डीएम और एसपी को निर्देश दिया कि वे इस मामले की तत्काल जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने महिला को डीएम-एसपी का नंबर लेने को कहा और भरोसा दिलाया कि अगर काम नहीं हुआ तो वह सीधे उन्हें फोन करे।
अधिकारियों को चेतावनी देते हुए विजय सिन्हा ने दो टूक कहा कि गड़बड़ी करने वाले अफसरों को “श्मशान तक ढूंढेंगे”। इस बयान के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
मंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, 'यह बात आप लोग अच्छी तरह समझ लीजिए। आप कहीं भी ट्रांसफर हो जाएं, रिटायर हो जाएं या किसी और जगह चले जाएं, मैं आपको छोड़ने वाला नहीं हूं। जो भी गड़बड़ी करेगा, उसका पीछा मैं श्मशान तक करूंगा।
मंत्री के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई और अधिकारी थोड़ी देर के लिए एक-दूसरे का मुंह देखने लगे।
विजय सिन्हा ने कहा कि कार्यक्रम का मकसद ही यही है कि आम लोगों की समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचे और मौके पर ही समाधान निकाला जाए। अगर अधिकारी सही तरीके से काम करेंगे तो उन्हें सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा, लेकिन अगर किसी ने भ्रष्टाचार या लापरवाही की, तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।