पटना हॉस्टल केस पर सियासत गर्म, जांच पर उठे सवालों के बीच जीतनराम मांझी बोले– जरूरत पड़ी तो होगी CBI जांच

पटना के शंभू हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी करने वाली जहानाबाद की लड़की की संदिग्ध मौत पर बिहार की सियासत गर्म है। सभी की निगाहें एसआईटी की जांच पर टिकी हैं।

पटना हॉस्टल केस पर सियासत गर्म, जांच पर उठे सवालों के बीच जीतनराम मांझी बोले– जरूरत पड़ी तो होगी CBI जांच
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 24, 2026, 2:18:00 PM

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर जांच में देरी और लीपापोती के आरोप लगा रहा है। वहीं, इस पूरे मामले में अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

जांच में हो रही देरी के बीच यह चर्चा तेज है कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। इन आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतनराम मांझी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले की सीबीआई जांच भी कराई जाएगी।

जीतनराम मांझी ने कहा कि लोगों के दिमाग में तरह-तरह की बातें आती हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि बिहार सरकार चुप नहीं बैठी है। एसआईटी का गठन कर दिया गया है और जहां-जहां मृतक छात्रा का संपर्क रहा है, वहां पुलिस और एसआईटी की टीमें जाकर गहन जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लिया गया कोई फैसला अगर गलत साबित हुआ, तो उस पर भी सवाल खड़े होंगे। इसलिए सरकार ठोस सबूतों के आधार पर ही निर्णय लेना चाहती है।

मांझी ने यह भी कहा कि बिहार सरकार कठोर से कठोर कार्रवाई करने की स्थिति में है। सिर्फ कैंडल मार्च या प्रदर्शन करने वालों को ही छात्रा की चिंता नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पूरी तरह संवेदनशील हैं। उन्होंने आज तक न किसी को बचाया है और न ही किसी को फंसाया है।

केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि एसआईटी और पुलिस हर हाल में इस मामले का खुलासा करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो मामले की लीपापोती कर सकती थी, लेकिन 20-21 साल के अपने कार्यकाल में नीतीश कुमार ने हमेशा कानून को अपना काम करने दिया है।