पटना हाईकोर्ट का बड़ा सवाल: बिहार में प्राइवेट गर्ल्स-बॉयज हॉस्टल्स के लिए कोई कानून है या नहीं?

बिहार में प्राइवेट गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल्स को लेकर कानून है या नहीं—इस अहम सवाल पर अब पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सीधा जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार को एफिडेविट दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

पटना हाईकोर्ट का बड़ा सवाल: बिहार में प्राइवेट गर्ल्स-बॉयज हॉस्टल्स के लिए कोई कानून है या नहीं?
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 31, 2026, 7:44:00 PM

बिहार में प्राइवेट गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल्स को लेकर कानून है या नहीं—इस अहम सवाल पर अब पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सीधा जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार को एफिडेविट दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।

दरअसल, यह मामला उस वक्त और गंभीर हो गया, जब नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ रेप और उसकी मौत का मामला सामने आया। इस घटना के बाद शेखपुरा जिले के करंडे गांव निवासी एडवोकेट माधव राज ने 19 जनवरी को पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। यह याचिका CWJC-1142/2026 के तहत दाखिल की गई है।

याचिका में बिहार में चल रहे प्राइवेट हॉस्टल्स की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एडवोकेट माधव राज का कहना है कि राज्य में प्राइवेट गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल्स को रेगूलेट करने के लिए अब तक कोई ठोस कानून नहीं बनाया गया है। न तो इनके लिए लाइसेंस की अनिवार्यता है और न ही कोई प्रभावी सरकारी मॉनिटरिंग सिस्टम मौजूद है।

शनिवार को इस याचिका पर पहली सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस विवेक चौधरी की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता की दलीलों को गंभीरता से सुना। याचिका में कहा गया कि बिना किसी मानक के प्राइवेट हॉस्टल्स संचालित किए जा रहे हैं, जहां रहने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, सिक्योरिटी, खाने-पीने और स्वच्छता की व्यवस्था बेहद खराब है।

एडवोकेट ने यह भी बताया कि प्राइवेट हॉस्टल मालिक मनमाने तरीके से भारी-भरकम फीस वसूलते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराते। हैरानी की बात यह है कि पटना समेत पूरे बिहार में कितने प्राइवेट हॉस्टल्स चल रहे हैं, इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड सरकार या जिला प्रशासन के पास नहीं है।

याचिका में खास तौर पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। कई मामलों में प्राइवेट हॉस्टल्स में रहने वाली लड़कियों के साथ शोषण और गंभीर अपराध की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में याचिकाकर्ता ने मांग की है कि राज्य सरकार जल्द से जल्द एक सख्त कानून बनाकर प्राइवेट हॉस्टल्स को रेगूलेट करे, ताकि छात्रों की सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।

अब सबकी नजरें 20 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई और राज्य सरकार के जवाब पर टिकी हैं।