बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar शनिवार को नवादा के मोतनाजे डैम पहुंचे, जहां उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘गंगाजल उद्वह योजना’ का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि अब नवादा के हर घर तक गंगा मइया का जल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया और अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की सख्त हिदायत दी।
मुख्यमंत्री के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंत्री और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने न सिर्फ गंगाजल परियोजना की प्रगति जानी, बल्कि जिले में चल रहे अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की और विस्तृत फीडबैक रिपोर्ट मांगी। उनका अंदाज इस बार काफी सख्त और मॉनिटरिंग मोड में नजर आया।
यह दौरा ‘सात निश्चय योजना’ के तीसरे चरण की समीक्षा से भी जुड़ा था। खास तौर पर ‘हर घर गंगाजल’ परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर दिखे। यह योजना दक्षिण बिहार के लिए जीवनदायिनी मानी जा रही है। इसके तहत पटना के मोकामा (हथिदह) से गंगा नदी का पानी पंप कर लगभग 151 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए गया, बोधगया, राजगीर और नवादा तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे लाखों लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा और पानी की किल्लत दूर होगी।
नवादा से पहले मुख्यमंत्री का काफिला नालंदा जिले के ऐतिहासिक शहर Rajgir पहुंचा था। वहां गिरियक स्थित घोड़ा कटोरा जलाशय का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
राजगीर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने वेणुवन परिसर में अत्याधुनिक साउंड एंड लाइट सिस्टम की आधारशिला भी रखी। यह पहल पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। सरकार राजगीर को धार्मिक-पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।
कुल मिलाकर, यह दौरा विकास, जल प्रबंधन और पर्यटन—तीनों मोर्चों पर सरकार की सक्रियता का बड़ा संदेश देकर गया।