बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार कल से 'सद्भाव यात्रा' पर निकल रहे हैं। उनकी यह यात्रा पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर से शुरू होगी। जिसको लेकर जदयू की ओर से तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने आज बेतिया सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस इस यात्रा की जानकारी दी है।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने 'जय निशांत-तय निशांत' का नारा लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने समाज के हर तबके के सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी अब निशांत कुमार के कंधों पर सौंपी है। यह सद्भाव यात्रा बिहार सरकार के 'सात निश्चय' की मजबूत बुनियाद पर आधारित होगी। यात्रा के माध्यम से निशांत कुमार प्रदेश में सामाजिक समरसता और विकास के एजेंडे को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि जिस प्रकार नीतीश कुमार ने बिहार को एक नई दिशा दी है, उसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए निशांत कुमार अब सक्रिय राजनीति के मैदान में उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरासत दमदार है, तो भविष्य भी दमदार होगा। साथ ही जदयू प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी।
बता दें कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत 3 मई से अपनी चार महीने लंबी 'सद्भाव यात्रा' का आगाज करेंगे। इस यात्रा के दौरान वे नीतीश कुमार के पिछले 20 वर्षों के विकास कार्यों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे. शुक्रवार को बिहार जेडीयू प्रदेश कार्यालय में हुई दो घंटे की उच्चस्तरीय बैठक में यात्रा की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने निशांत के साथ संवाद के रोडमैप पर चर्चा की।
निशांत कुमार इस यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और मौके पर समाधान की कोशिश करेंगे. इस यात्रा का प्राथमिक लक्ष्य जेडीयू के जमीनी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरना और आम जनता से सीधा संपर्क स्थापित करना है। निशांत कुमार ने बताया कि वे हर जिले में जाकर लोगों और कार्यकर्ताओं की परेशानियां सुनेंगे और उनका त्वरित समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।