बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा में रहे चर्चित नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले पर पटना हाईकोर्ट ने फिलहाल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। पीड़ित परिवार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने साफ कहा कि चूंकि यह मामला पहले ही केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंपा जा चुका है, इसलिए इस स्तर पर अदालत के दखल की कोई आवश्यकता नहीं है।
जहानाबाद की रहने वाली नीट की छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। बीते दिनों उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े करते हुए आशंका जताई थी कि उनके साथ कुछ गलत हुआ है। मामले ने जब तूल पकड़ा तो राज्य सरकार ने पहले पुलिस की एसआईटी का गठन किया, लेकिन परिवार का कहना था कि उन्हें एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं है।
इसी को लेकर छात्रा के पिता की ओर से पिछले सप्ताह पटना हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर जस्टिस अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने सुनवाई की। सोमवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका को निष्पादित कर दिया। हालांकि हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में परिवार सीबीआई की जांच से संतुष्ट नहीं होता है, तो वे दोबारा अदालत का रुख कर सकते हैं।
अदालत की इस टिप्पणी के बाद अब इस पूरे मामले की जांच पूरी तरह से सीबीआई के हाथ में है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि केंद्रीय एजेंसी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। वहीं इस केस पर राज्य की सियासत भी लगातार गरम बनी हुई है और विपक्ष सरकार पर सवाल उठाता रहा है।
अब सभी की निगाहें सीबीआई जांच पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि नीट छात्रा की मौत के पीछे की असली वजह क्या थी