नीट छात्रा की संदिग्ध मौत और दुष्कर्म मामले की जांच अब भी कई सवालों के घेरे में है। Central Bureau of Investigation (CBI) ने केस टेकओवर करने के बाद अब तक छात्रा के परिजनों, एसआईटी सदस्यों, हॉस्टल कर्मियों समेत कुल 42 लोगों से पूछताछ की है। जांच टीम तीन बार जहानाबाद, दो बार गयाजी और दो बार संबंधित हॉस्टल का दौरा कर चुकी है। बावजूद इसके, 11 दिन बीत जाने के बाद भी एजेंसी को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
जांच का सबसे अहम बिंदु छात्रा के कपड़ों पर मिला स्पर्म है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हो चुकी है, ऐसे में अब पूरा मामला डीएनए मिलान पर टिका हुआ है। इससे पहले एसआईटी ने 25 संदिग्धों का ब्लड सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए एफएसएल भेजा था, लेकिन किसी का भी डीएनए कपड़े पर मिले स्पर्म से मेल नहीं खाया। इससे जांच और उलझ गई है।
इसी बीच धमकी भरे पत्रों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। सीबीआई जांच के दौरान छात्रा के जहानाबाद स्थित घर पर दो बार धमकी भरा पत्र फेंका गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने पत्र बरामद कर केस दर्ज किया। एफएसएल की प्राथमिक जांच में दोनों पत्र एक ही व्यक्ति द्वारा लिखे जाने की आशंका जताई गई है। अब पुलिस संदिग्धों की हैंडराइटिंग सैंपल लेने की तैयारी में है, ताकि पत्र लिखने वाले की पहचान की जा सके।
फिलहाल पूरा मामला डीएनए रिपोर्ट और धमकी पत्र की जांच पर निर्भर है। जब तक कपड़ों पर मिले स्पर्म का मिलान किसी संदिग्ध से नहीं होता, तब तक इस हाई-प्रोफाइल केस की गुत्थी सुलझना मुश्किल नजर आ रहा है।