6 जनवरी को NEET की तैयारी कर रही छात्रा शंभू हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिलती है। हॉस्टल के कर्मचारी उसे हॉस्पिटल ले जाते हैं। एक हॉस्पिटल, दो हॉस्पिटल और फिर तीसरे हॉस्पिटल में मौत। छह जनवरी से नौ जनवरी तक चले इस घटनाक्रम में पुलिस सीन से गायब है।
रात के अंधेरे में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों से मुलाकात तो नहीं हो सकी, लेकिन सिस्टम पर उनके सवाल गोलियों की तरह दागे गए। सांसद ने आरोप लगाया कि पटना में लॉज और निजी हॉस्पिटल बेलगाम हैं, जिनसे थानों तक “हिस्सा” पहुंचता है।
पप्पू यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अभिषेक रंजन सेक्स रैकेट चलाता है। सवाल उठाया कि छात्रा को उसी हॉस्पिटल में क्यों ले जाया गया, मेंदांता क्यों भेजा गया और उसे भर्ती कराने वाले कौन थे। उन्होंने शंभू गर्ल्स हॉस्टल की CCTV फुटेज, शुरुआती गलत पुलिस रिपोर्ट पर सस्पेंशन, मनीष रंजन की रिमांड और अभिषेक की गिरफ्तारी न होने पर भी सवाल खड़े किए।
सांसद ने यह भी पूछा कि किराए पर रहने वाला व्यक्ति 23 लड़कियों का हॉस्टल कैसे चला रहा है। नींद की गोली लड़की तक कैसे पहुंची, कौन लाया, और रात 11 बजे के बाद हॉस्टल के बाहर खड़ी बड़ी गाड़ियों में कौन लोग आते थे। यहां तक कहा कि क्या किसी नेता या उसके बेटे की संलिप्तता है, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल आईजी जितेंद्र कुमार राणा का कहना है कि जांच जारी है और SIT जल्द पूरे मामले का पर्दाफाश करेगी। लेकिन पप्पू यादव के तीखे सवाल और सिस्टम पर लगे इल्ज़ाम अब प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा बन चुके हैं।
वही पप्पू यादव ने कहा कि जहानाबाद की बेटी को न्याय दिलाने के लिए आज हमने देश के गृह मंत्री अमित शाह जी को पत्र लिखा और पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल हत्याकांड - पोस्टमार्टम प्रमाणों पर आधारित CBI जांच, पुलिस साजिश, हॉस्टल रैकेट उन्मूलन व राष्ट्रीय छात्रावास मानदंड निर्माण हेतु तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया। इसकी एक कॉपी हमने बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी और उनके प्रधान सचिव को भी लिखी है।