मंत्री संजय सिंह बोले- कांग्रेस के विधायक हमारे संपर्क में, दही-चूड़ा भोज से गायब थे MLA

बिहार की सियासत में मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित दही-चूड़ा भोज के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह के एक बयान ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को और गर्म कर दिया है

मंत्री संजय सिंह बोले- कांग्रेस के विधायक हमारे संपर्क में, दही-चूड़ा भोज से गायब थे MLA
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 13, 2026, 4:21:00 PM

बिहार की सियासत में मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित दही-चूड़ा भोज के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह के एक बयान ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को और गर्म कर दिया है। दही-चूड़ा भोज में शामिल होने पहुंचे मंत्री संजय सिंह ने कांग्रेस को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई विधायक उनके संपर्क में हैं और बहुत जल्द ही वे एनडीए में शामिल हो सकते हैं। मंत्री संजय सिंह के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

इस दौरान मंत्री संजय सिंह ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी जमकर कटाक्ष किया। तेजस्वी यादव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वे अब 500 दिनों तक कुछ भी नहीं बोलेंगे। मंत्री ने कहा कि बिहार में विकास की रफ्तार तेज है और सरकार विकास के एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी।

वहीं तेज प्रताप यादव के यहां आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल होने के सवाल पर मंत्री संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें वहां से कोई निमंत्रण नहीं मिला था। गौरतलब है कि आज बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की ओर से दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत बिहार सरकार के कई मंत्री और एनडीए के नेता शामिल हुए।

मकर संक्रांति के अवसर पर बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा भोज हमेशा से खास महत्व रखता है। इस बार भी अलग-अलग दलों की ओर से आयोजित भोज राजनीतिक संदेश देने का जरिया बने। इससे पहले कांग्रेस की ओर से सोमवार को दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया था, लेकिन उसमें पार्टी के विधायक शामिल नहीं हुए। केवल एक-दो पूर्व विधायकों की मौजूदगी देखने को मिली। साथ ही महागठबंधन के अन्य घटक दलों को भी इस भोज में आमंत्रित नहीं किया गया था। इन सभी घटनाओं ने बिहार की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।