पटना में मेट्रो परियोजना को लेकर एक और बड़ी अपडेट सामने आई है। राजधानी में भूतनाथ और मलाही पकड़ी के बीच 15 मार्च के बाद से मेट्रो परिचालन शुरू होने की तैयारी चल रही है। इन दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी करीब 2.75 किलोमीटर है और यह पूरा ट्रैक एलिवेटेड यानी ऊंचाई पर बनाया गया है।
मेट्रो संचालन शुरू करने से पहले 10 मार्च को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी यानी सीएमआरएस की टीम पटना पहुंचेगी। यह टीम नए एलिवेटेड ट्रैक का निरीक्षण करेगी और मेट्रो ट्रेन चलाकर उसकी सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था का परीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान अगर कोई कमी या तकनीकी खामी सामने आती है, तो उसे एक सप्ताह के भीतर दूर करना होगा।
दरअसल, इस ट्रैक पर 26 फरवरी को ट्रायल रन भी किया जा चुका है। ट्रायल के दौरान जो भी कमियां सामने आई थीं, उन्हें दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी डीएमआरसी ने ठीक कर दिया है। अब सीएमआरएस की टीम की अंतिम जांच के बाद ही मेट्रो संचालन की औपचारिक अनुमति मिलेगी। इसके बाद ही उद्घाटन की तारीख तय की जाएगी।
हालांकि, भूतनाथ स्टेशन से चलने वाली मेट्रो फिलहाल खेमनीचक स्टेशन पर नहीं रुकेगी। यहां एक्सचेंज स्टेशन का निर्माण कार्य अभी जारी है और इसे पूरा होने में कुछ समय लगेगा। इसलिए अभी खेमनीचक स्टेशन पर यात्रियों के चढ़ने और उतरने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
बता दें कि पटना में कुल 31.9 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर करीब 13,365 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
फिलहाल पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ तक 3.45 किलोमीटर के एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो का परिचालन हो रहा है। इस रूट पर भूतनाथ, जीरोमाइल और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन पर यात्रियों को चढ़ने-उतरने की सुविधा मिल रही है।
वहीं, जब पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक मेट्रो चलने लगेगी, तब यात्रियों को मलाही पकड़ी, भूतनाथ, जीरोमाइल और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल — इन चार स्टेशनों पर चढ़ने और उतरने की सुविधा मिल जाएगी।