पटना में आज राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और महागठबंधन पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत के दौरान ललन सिंह पूरी तरह आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की राजनीति दिनों-दिन सिमटती जा रही है।
उन्होंने तंज करते हुए कहा— “नेतागिरी करने चले थे… देख ही रहे हैं ना, कहां सिमट गए। मुश्किल से विपक्ष के नेता बने हैं।” ललन सिंह ने दावा किया कि तेजस्वी अब न तो पहले जैसी सक्रियता दिखा पा रहे हैं और न जनता के बीच उनकी पकड़ पहले जैसी बची है।
इसी बातचीत में ललन सिंह ने महिलाओं को १० हजार रुपए देने की सरकारी योजना पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का भी जोरदार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ भ्रम फैलाना रह गया है। अपनी बात को और धार देते हुए उन्होंने टिप्पणी की— “भ्रम फैलाने का नतीजा देख लिया है… कहां सिमट गए हैं।”
महागठबंधन पर हमले को जारी रखते हुए ललन सिंह ने कहा कि बिहार में उनके १५ साल के शासन की याद आज भी लोगों की रगों में डर पैदा कर देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर की जंगलराज वाली छवि अभी भी जनता के मन में ताज़ा है।
नीतीश सरकार द्वारा एक करोड़ रोजगार देने के वादे पर उन्होंने साफ कहा कि यह किसी भी तरह अव्यावहारिक नहीं है। ललन सिंह के शब्दों में— “यह नीतीश कुमार की यूएसपी है। जो कहते हैं, वह करते हैं। पाँच साल में एक करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा।”
अंत में, उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी की स्थिति पूरे देश में कमजोर हो चुकी है और आज कांग्रेस को “कोई पूछने वाला भी नहीं” रह गया है।
बिहार की राजनीति में इस बयानबाज़ी ने एक बार फिर माहौल गरमा दिया है।