कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ा रुख अपनाया है और इसे लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। बुधवार को पार्टी का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग पहुंचा और औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
भाजपा की ओर से पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई प्रमुख नेता शामिल थे। आयोग से मुलाकात के बाद रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए खड़गे के बयान की कड़ी आलोचना की और इसे न केवल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बल्कि पूरे देश के लिए अपमानजनक बताया।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर राजनीतिक दल चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों के लिए आयोग के पास जाते हैं, लेकिन इस बार उन्हें एक ऐसे बयान के खिलाफ शिकायत करनी पड़ी, जो प्रधानमंत्री के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। रिजिजू के मुताबिक, किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में देश के सर्वोच्च निर्वाचित पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अस्वीकार्य है।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करती रही है, लेकिन इस बार सभी सीमाएं पार कर दी गई हैं। उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी नेता इस तरह की टिप्पणी करने से पहले सोचे।
रिजिजू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री केवल किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन्हें जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुना है। इसलिए उनके प्रति इस प्रकार की टिप्पणी पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की।
चुनाव आयोग के रुख पर उन्होंने बताया कि आयोग ने मामले को संज्ञान में लिया है और जांच का आश्वासन दिया है।
बताते चलें कि, यह विवाद तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के अंतिम चरण के दौरान खड़गे के एक भाषण के बाद सामने आया। अपने संबोधन में उन्होंने एआईएडीएमके के भाजपा के साथ गठबंधन पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री पर तीखी टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।