झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में बढ़ी बेचैनी, कांग्रेस आलाकमान ने दिया स्पष्ट संदेश

झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में बढ़ी बेचैनी, कांग्रेस आलाकमान ने दिया स्पष्ट संदेश

झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में बढ़ी बेचैनी, कांग्रेस आलाकमान ने दिया स्पष्ट संदेश
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 15, 2026, 1:43:00 PM

झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सत्तारूढ़ महागठबंधन के भीतर चल रही अंदरूनी असहजता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। भले ही सार्वजनिक तौर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस के नेता गठबंधन को मजबूत और स्थिर बताते रहे हों, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस संगठन और उसके विधायकों के बीच कुछ मुद्दों को लेकर नाराजगी लंबे समय से बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य में गठबंधन की कार्यशैली को लेकर अपनी चिंताएं शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का प्रयास किया। इस संबंध में प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं से आग्रह किया गया कि वे दिल्ली में पार्टी नेतृत्व को राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों और कांग्रेस की स्थिति से अवगत कराएं। इसके बाद राज्य के नेताओं ने अपनी बात केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखी।

हालांकि, कांग्रेस आलाकमान की प्रतिक्रिया प्रदेश नेतृत्व की अपेक्षाओं से अलग रही। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया कि गठबंधन की मजबूती सर्वोच्च प्राथमिकता है और राज्य इकाई को सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए। नेतृत्व ने यह भी कहा कि गठबंधन की राजनीति में सभी दल अपने-अपने हितों को ध्यान में रखते हैं, इसलिए प्रदेश स्तर पर बेहतर तालमेल बनाए रखना कांग्रेस नेताओं की जिम्मेदारी है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि ऐसी परिस्थितियां पैदा नहीं होनी चाहिएं जिनसे सहयोगी दलों के बीच अविश्वास बढ़े।

केंद्रीय नेतृत्व ने राज्यसभा चुनाव को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। पार्टी नेताओं से कहा गया है कि महागठबंधन के सभी विधायक निर्धारित रणनीति के अनुरूप मतदान करें और किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जाए। चुनावी गणित को देखते हुए नेतृत्व कोई जोखिम लेने के पक्ष में नहीं दिख रहा है।

इस बीच, राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार और भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी की मौजूदगी ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। कांग्रेस की आपत्तियों के बावजूद उनका नामांकन बरकरार रहने के बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नाथवानी की उम्मीदवारी चुनाव को अपेक्षा से अधिक रोचक बना सकती है।

यद्यपि महागठबंधन के पास आवश्यक संख्या बल मौजूद बताया जा रहा है, फिर भी विपक्ष समर्थित उम्मीदवार की सक्रियता ने सत्ता पक्ष के भीतर सतर्कता बढ़ा दी है। 18 जून को होने वाले मतदान से पहले रांची से लेकर नई दिल्ली तक कांग्रेस खेमे में लगातार बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव केवल संख्या का खेल नहीं, बल्कि महागठबंधन की आंतरिक एकजुटता की भी परीक्षा बनता नजर आ रहा है।