नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का पांचवां चरण आज से शुरू हो गया है, और इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने जहानाबाद में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने राज्य के विकास कार्यों को गिनाते हुए पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम होते ही घरों से बाहर निकलने में डरते थे। कानून व्यवस्था कमजोर थी और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस करती थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का हाल बहुत खराब था, लेकिन जब उनकी सरकार आई तो इन सभी क्षेत्रों में तेजी से सुधार किया गया।
उन्होंने बताया कि आज बिहार में सड़क और पुल-पुलियों का जाल बिछ चुका है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो गया है। पहले जहां एक जगह से दूसरी जगह जाने में घंटों लग जाते थे, वहीं अब लोग कम समय में आसानी से सफर कर पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई है और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया गया है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए विपक्षी नेताओं पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने अपने कार्यकाल में जनता के लिए कुछ नहीं किया और सिर्फ अपने परिवार और करीबी लोगों को आगे बढ़ाया। महिलाओं की सुरक्षा और उनके विकास के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में बिजली की भारी समस्या थी, लेकिन अब गांव-गांव तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है। इतना ही नहीं, अब लोगों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना भी चलाई जा रही है, जिसका खर्च सरकार उठा रही है।
युवाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जा चुका है और आने वाले पांच सालों में 1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
सभा के दौरान जब कुछ लोग उठकर जाने लगे तो मुख्यमंत्री ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वे जनता के काम की ही बात कर रहे हैं, इसलिए सभी को बैठकर ध्यान से सुनना चाहिए। उनका यह अंदाज भी चर्चा का विषय बना।