CM आवास के बाहर बेकाबू हुए JDU कार्यकर्ता, बीजेपी मंत्री को भागकर बचानी पड़ी जान, MLC की गाड़ी भी घिरी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद एलान कर दिया है कि वह राज्यसभा जाएंगे। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने का भी एलान कर दिया है। इन सबके बीच सीएम आवास के बाहर जेडीयू कार्यकर्ता बेकाबू हो गए हैं और इसे बड़ी साजिश करार दे रहे हैं।
बिहार की सियासत में इस वक्त बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद एलान कर दिया है कि वह राज्यसभा जाएंगे और मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। उनके इस ऐलान के बाद राजधानी पटना का सियासी माहौल अचानक गरमा गया है।
नीतीश कुमार के फैसले की खबर फैलते ही सुबह से ही सीएम आवास के बाहर जेडीयू कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाया जा रहा है।
गुस्साए कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और कह रहे हैं कि नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति से हटाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि नीतीश कुमार ही बिहार के असली नेता हैं और उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाना गलत फैसला है।
इसी बीच सीएम आवास पहुंचे बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता को भी कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। जेडीयू कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और कुछ देर तक उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि बाद में मंत्री किसी तरह वहां से निकलने में कामयाब रहे।
वहीं जेडीयू नेता ललन सर्राफ को भी कार्यकर्ताओं के गुस्से का सामना करना पड़ा। जैसे ही वह सीएम आवास पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
फिलहाल सीएम आवास के बाहर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट पर है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के फैसले ने बिहार की सियासत में हलचल तेज कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।