जेडीयू के बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय को बड़ी राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाईं रोक

बिहार के सियासी गलियारे से बड़ी खबर सामने आ रही है। जेडीयू के बाहुबली विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।

जेडीयू के बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय को बड़ी राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाईं रोक
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: Apr 28, 2026, 11:14:00 AM

बिहार के सियासी गलियारे से बड़ी खबर सामने आ रही है। जेडीयू के बाहुबली विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। कुचायकोट विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए के खिलाफ वारंट जारी हुआ था। जदयू विधायक पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप है। मामले की अगली सुनवाई तक पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी  पर रोक लगी रहेगी। 

बिहार के गोपालगंज के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को जमीन कब्जाने और फर्जी दस्तावेजों के मामले में बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट के बाद गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, जो उनके लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। पप्पू पांडेय के वकीलों ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है और पुलिसिया कार्रवाई व प्राथमिकी (FIR) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद कोर्ट ने राहत दी है।

इससे पहले विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ था। एसपी विनय तिवारी ने विधायक और उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमों को भेजा था।  हालांकि, विधायक और उनके भाई के भूमिगत होने की बात सामने आयी। वहीं  पुलिस की टीम ने गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की, लेकिन विधायक और उनके भाई सतीश पांडेय वहां नहीं मिले।

बता दें कि कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में भू-माफिया द्वारा जमीन कब्जा करने और उन्हें संरक्षण देने के आरोप में विधायक पप्पू पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन कब्जा करने के आरोप में मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव के रहने वाले जितेंद्र कुमार राय ने एक अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस पहले ही सिवान निवासी भोला पांडेय समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर विधायक और उनके भाई को साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया गया।