IRCTC घोटाला: लालू परिवार पर आज बड़ा फैसला, कोर्ट के फैसले पर टिकी सबकी निगाहें, तेजस्वी की बढ़ी बेचैनी..

लालू परिवार के लिए आज का दिन अहम होने वाला है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट IRCTC घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज फैसला सुना सकता है।

 IRCTC घोटाला: लालू परिवार पर आज बड़ा फैसला, कोर्ट के फैसले पर टिकी सबकी निगाहें, तेजस्वी की बढ़ी बेचैनी..
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: May 22, 2026, 11:26:00 AM

लालू परिवार के लिए आज का दिन अहम होने वाला है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट IRCTC घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज फैसला सुना सकता है। इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत कई अन्य अन्य आरोपियों के खिलाफ ईडी की ओर से चार्जशीट दाखिल की गई थी। ऐसे में आज कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। अदालत के फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक की निगाहें टिकी हुई हैं।

मामले की पिछली सुनवाई 6 मई को हुई थी, लेकिन उस दिन अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। उस वक्त कोर्ट ने फैसला टाल दिया था। अंतिम संमय में कोर्ट ने इसे टालते हुए 22 मई को फैसला देने की बात कही थी। हालांकि आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी कर चुकी थी और फैसला सुरक्षित रखा गया था। आज के निर्णय को केस की दिशा तय करने वाला बेहद अहम मोड़ माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि लालू परिवार ने निचली अदालत के अक्टूबर 2025 के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे। परिवार की ओर से अदालत में कहा गया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक प्रेरित हैं और जांच एजेंसियों ने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया है। वहीं ईडी ने इस याचिका का जोरदार विरोध करते हुए दावा किया है कि उनके पास इस मामले से जुड़े पुख्ता सबूत मौजूद हैं।

यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद 2004 से 2009 के दौरान केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के तहत आने वाले रांची और पुरी स्थित दो होटलों के टेंडर में अनियमितताएं की गईं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन होटलों और उनसे जुड़ी जमीनों को निजी कंपनियों को नियमों की अनदेखी करते हुए पट्टे पर दिया गया। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था और इससे कुछ निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में दावा किया है कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज और पुख्ता सबूत मौजूद हैं। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कई ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं, जो आरोपों को मजबूती देते हैं।इधर, अदालत पहले ही 13 अक्टूबर को अपने आदेश में यह टिप्पणी कर चुकी है कि टेंडर प्रक्रिया में साजिश और हस्तक्षेप के संकेत मिले हैं।