IRCTC घोटाला केस: लालू यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक से इनकार

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। चर्चित आईआरसीटीसी घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है

IRCTC घोटाला केस: लालू यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक से इनकार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 05, 2026, 12:40:00 PM

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। चर्चित आईआरसीटीसी घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसका मतलब है कि लालू यादव के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई जारी रहेगी। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने इस केस में लालू प्रसाद यादव पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप तय किए थे। इन्हीं आरोपों को चुनौती देते हुए लालू यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था और ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की थी। 

हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को नोटिस भी जारी किया है। अब इस पूरे मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।

बता दें कि लालू यादव ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर को लालू-राबड़ी और तेजस्वी यादव को IRCTC घोटाले में आरोपी माना है।

लालू यादव के अलावा, अदालत ने प्रदीप कुमार गोयल, राकेश सक्सेना, भूपेंद्र कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार गोगिया और विनोद कुमार अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम की धारा 13 (2) ((धारा 13 (1) (डी) (ii) एवं (iii) के साथ पढ़ा जाए) के तहत आरोप तय किए थे।

धारा 13(2) लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार के लिए दंड से संबंधित है, और धारा 13 (1) (डी) (ii) और (iii) लोक सेवक द्वारा पद का दुरुपयोग कर लाभ प्राप्त करने से संबंधित है। अदालत ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, विजय कोचर, विनय कोचर, सरला गुप्ता और प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप तय करने का भी निर्देश दिया था।

मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के अधीन कुछ होटलों और उनसे जुड़ी जमीनों को निजी कंपनियों को नियमों की अनदेखी करते हुए पट्टे पर दिया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया और इससे कुछ निजी कंपनियों को अनुचित फायदा पहुंचा।