बिहार में एक बार फिर बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है. राज्य सरकार ने एक साथ कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार समीर सौरभ को कंफेड (CONFED) का निदेशक बनाया गया है, जबकि नालंदा नगर निगम आयुक्त रहते हुए अपने कार्यों के लिए सुर्खियों में रहे दीपक कुमार मिश्रा को मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है.
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2019 बैच के अधिकारी दीपक कुमार मिश्रा वर्तमान में बिहारशरीफ नगर निगम के नगर आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। कुशल प्रशासनिक क्षमता, नवाचारपूर्ण सोच और जनहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण वे बिहार के प्रशासनिक गलियारों में एक सशक्त, ईमानदार और परिणाम देने वाले अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दीपक मिश्रा की कार्यकुशलता का एक बड़ा उदाहरण राजगीर खेल अकादमी में आयोजित पुरुष हॉकी एशिया कप का सफल आयोजन रहा। दिन-रात की कड़ी मेहनत, सटीक योजना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के दम पर उन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। इस आयोजन से न केवल राजगीर बल्कि पूरे नालंदा जिले का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमका।
सिवान जिले के निवासी दीपक कुमार मिश्रा ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उनकी शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण की मिसाल है। वर्ष 2018 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 511 प्राप्त कर उन्होंने आईएएस बनने का सपना साकार किया।
आईएएस बनने से पूर्व दीपक कुमार मिश्रा ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में सहायक प्रबंधक के रूप में कार्य किया। इसके साथ ही भारतीय रेलवे में भी सेवाएं दीं, जहां से उन्हें प्रशासन, प्रबंधन और जमीनी स्तर पर कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव मिला, जो आगे चलकर उनके प्रशासनिक निर्णयों की मजबूत नींव बना।
नगर आयुक्त के रूप में बिहारशरीफ में पदस्थापना के दौरान उन्होंने शहरी विकास, स्वच्छता व्यवस्था, यातायात सुधार और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में नगर निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में ठोस पहल हुई।
विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें कई विभागों का नोडल अधिकारी बनाया गया। चुनावी तैयारियों, प्रशासनिक समन्वय और मतदाता जागरूकता में उनकी सक्रिय भूमिका का असर यह रहा कि इस बार पिछले चुनावों की तुलना में अधिक मतदान हुआ। शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित चुनाव संपन्न कराने में उनके योगदान की व्यापक सराहना की गई