वर्ष 2025 की समाप्ति से पूर्व बिहार गृह विभाग ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें राज्य की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के आंकड़ों को साझा किया गया। इस दौरान डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की बेहतर नीतियों और पुलिस की सक्रियता से बिहार में अपराध के ग्राफ में भारी गिरावट आई है।
बिहार पुलिस के महानिदेशक से पत्रकार ने पूछा, सम्राट चौधरी कहते हैं, मनचले जो राह चलती लड़कियों का दुपट्टा खींचते हैं, उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई होगी, तो क्या मुख्यमंत्री द्वारा महिला के हिजाब खींचने पर आप एक्शन लेंगे।
इस सवाल को डीजीपी विनय कुमार टाल गए। और मनचलों को रोकने के लिए सम्राट चौधरी का पुराना बयान और पुलिस की पॉलिसी बताने लगे।
उन्होंने कहा, 'मनचलों को रोकने के लिए अवेयर ब्रिगेड बनी है। अगले साल 2 हजार स्कूटी खरीदने की योजना है। इसमें सार्वजनिक स्थानों पर महिला पुलिस को तैनात किया जाएगा। जैसे कोचिंग संस्थान है, कॉलेज है।'
प्रेस वार्ता में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस साल गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है:
हत्या: 7.72% की कमी
डकैती: 24.87% की भारी गिरावट
दंगा: 17.97% की कमी
BNSS की धारा 107 के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक 1419 अपराधियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 405 के विरुद्ध माननीय न्यायालय में प्रस्ताव भेजा गया है। वर्तमान में 70 अपराधियों की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
पुलिस ने इस साल अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है:
कुल गिरफ्तारियां: जनवरी से नवंबर के बीच 3,35,116 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
हथियार बरामदगी: 4528 अवैध हथियार और 28,414 कारतूस जब्त किए गए।
विशेष अभियान: सांप्रदायिक हिंसा (1308), पुलिस पर हमला (524), मॉब लिंचिंग/भीड़ हिंसा (58) और हर्ष फायरिंग (64) सहित विभिन्न गंभीर मामलों में कुल 6854 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है।